Mumbai : एक्टर विवेक ओबरॉय के घर क्राइम ब्रांच का छापा, आदित्य अल्वा के छिपे होने का शक

सीसीबी को जानकारी मिली है कि आदित्य विवेक ओबेरॉय घर में  छिपे हुए हैं जिसके बाद सीसीबी ने विवेक ओबेरॉय के घर छापा मारा है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 1:48 pm, Thu, 15 October 20

सैंडल वुड ड्रग केस (SandalWood Drug Case)  में अभिनेता विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) के मुंबई स्थित घर पर सेंट्रल क्राइम ब्रांच (Central Crime Branch) ने  छापेमारी की है. दरअसल  इस मामले के आरोपी आदित्य अल्वा (Aditya Alva) फरार हैं. वह विवेक ओबेरॉय के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं.  सीसीबी को जानकारी मिली है कि आदित्य विवेक ओबेरॉय घर में  छिपे हुए हैं जिसके बाद सीसीबी ने विवेक ओबेरॉय के घर छापा मारा है.

बेंगलुरु के पुलिस अधिकारी संदीप पाटिल ने बताया कि आदित्य अल्वा फरार है. विवेक ओबेरॉय उनके रिश्तेदार हैं. हमें जानकारी मिली थी कि वह उनके घर पर छिपे हुए हैं. ऐसे में कोर्ट से वारंट लिया गया औऱ मुंबई की सीसीबी टीम उनके घर पहुंच गई.

इस एक्टर ने अर्नब गोस्वामी को बना दिया विलेन, मीम के जरिए दिखाया ड्रग्स रैकेट का हिस्सा

आदित्य अल्वा विवेक ओबेरॉय के साले हैं. इससे पहले बेंगलुरु सिटी पुलिस के केंद्रीय अपराध ब्यूरो (CCB) ने सैंडलवुड ड्रग मामले में आदित्य अल्वा के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर छापे मारे थे. बता दें कि आदित्य अल्वा तब से फरार हैं, जब से पुलिस ने सैंडलवुड स्टार रागिनी द्विवेदी के घर पर छापे मारे थे.  पुलिस ने आदित्य केरिसॉर्ट्स पर भी छापेमारी की थी. कथित तौर पर वह यहां पार्टियां आयोजित करता था, जिनमें कन्नड़ फिल्म उद्योग के कई फिल्मी सितारे हिस्सा लेते थे. केंद्रीय अपराध ब्यूरो के मुताबिक, आदित्य इस मामले में पांचवां आरोपी बना है.

बता दें, आदित्य एक प्रभावशाली पारिवारिक पृष्ठभूमि से हैं. उसके दिवंगत पिता जीवनराज अल्वा अपने समय के सबसे शक्तिशाली मंत्रियों और नेताओं में से एक थे. उन्हें दिवंगत मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े का दाहिना हाथ माना जाता था.

PR Exercise? : ड्रग्स केस में नाम खराब होने के बाद इस एक्ट्रेस ने निकाला छवि सुधारने का ये तरीका

दिवंगत जीवराज अल्वा फंडिंग इकट्ठा करने के स्किल के लिए जाने जाते थे. वहीं आदित्य की मां नंदिनी अल्वा की गिनती भी राज्य के प्रतिष्ठित लोगों में होती है. वह एक प्रसिद्ध नृत्यांगना और इवेंट ऑर्गनाइजर हैं. वह बेंगलुरु हब्बा (बेंगलुरु फेस्ट) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. इस फेस्ट को 1999-2004 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एस.एम.कृष्णा के कार्यकाल के दौरान लॉन्च किया गया था.