आखिर चुनाव आयोग ने क्यों लगा दी PM मोदी की बायोपिक पर रोक?

पीएम मोदी की बायोपिक में उनके राजनीतिक करियर पर फोकस किया गया है. अभिनेता विवेक ओबेरॉय इस फिल्म में नरेन्द्र मोदी की भूमिका निभा रहे हैं.

नई दिल्ली: लंबे समय से विवादों में घिरी पीएम नरेन्द्र मोदी की बायोपिक पर आखिरकार चुनाव आयोग ने बैन लगा दिया है. अब ये फिल्म 11 अप्रैल को रिलीज न होकर चुनावों के बाद रिलीज होगी. चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसी किसी भी सामग्री को नहीं दिखाया जा सकता जो चुनाव में सभी दावेदारों को समान अवसर उपलब्ध कराने के सिद्धांत से मेल नहीं खाती हो.

इस फिल्म को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता और वकील अमन पंवार ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाली याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि आगामी लोकसभा चुनाव के चलते इस फिल्म को प्रोपेगैंडा के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है.

हालांकि बॉलीवुड बायोपिक पीएम नरेंद्र मोदी को मंगलवार को सीबीएफसी से एक अनरिस्ट्रिक्टेड (यू) सर्टिफिकेट जारी किया गया. इस बात को लेकर फिल्म के निर्देशक उमंग कुमार बी ने कहा, “हमें पता था कि यही होगा. अंतत: ऐसा ही हुआ.” उमंग ने एक बयान में कहा, “टीम और मुझे पता था कि हमने क्या बनाया है. यह एक सिनेमा है, कोई प्रोपागंडा नहीं और अब सेंसर बोर्ड ने इस बात को सत्यापित कर दिया है, जिसे हम कहते आ रहे हैं.

बता दें ये फिल्म प्रधानमंत्री मोदी के शुरुआती दिनों से लेकर पीएम बनने तक के सफर की है. इससे पहले फिल्म की रिलीज से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां इसे बैन करने की याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज से जुड़ा हर फैसला चुनाव आयोग के जिम्मे छोड़ दिया था. अब चुनाव आयोग ने चुनावी सत्र तक इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी है.