आम्रपाली बोलीं- भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री साफ-सुथरी, नहीं आया कोई मीटू का मामला

आम्रपाली खुद तो एक भोजपुरी सुपरस्टार है ही, साथ ही उनके पति निरहुआ को भी लोग काफी पसंद करते हैं. आम्रपाली का कहना है कि आजतक उनके साथ भोजपुरी सिनेमा में ऐसी कोई घटना नहीं घटी जिसपर वे आवाज उठा सकें.

नई दिल्ली: भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अदाकारा और सुपरस्टार निरहुआ की पत्नी आम्रपाली दुबे का कहना है कि खुद पर अत्याचार को कोई नहीं सहता है. इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, लेकिन उसमें सच्चाई का होना जरूरी है. यह बातें आम्रपाली ने मीटू अभियान को लेकर कहीं.

आईएएनएस को दिए अपने इंटरव्यू में आम्रपाली ने कहा, “मीटू अभियान के चलते, कुछ जगहों से आवाजें उठी हैं. शायद उनके साथ वैसा बर्ताव हुआ होगा, लेकिन भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्रीज इससे बिलकुल अछूती है. अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है. जहां तक मेरी जानकारी है, भोजपुरी इंडस्ट्री में कहीं भी ऐसी आवाज नहीं उठी. भोजपुरी इंडस्ट्री अभी साफ-सुथरी है. इतने दिनों तक मेरे साथ भी कोई ऐसी घटना नहीं हुई है. मेरे जैसी कई अन्य अभिनेत्रियां भी अब तक इससे अनटच हैं.”

उन्होंने कहा कि स्त्री हो या पुरुष, दोनों को संघर्ष करना पड़ता है. जो अपने काम में निपुण हैं, आज उन्हीं को काम मिल रहा है. जो काम नहीं जानते, वे काम न मिलने का शोर मचाते घूम रहे हैं. भोजपुरी इंडस्ट्री अपने काम में महारत वाले शख्स को बिना भेदभाव के काम देती है. आम्रपाली ने कहा, “हां, यह जरूर है कि कुछ एल्बम गानों की वजह से भोजपुरी फिल्में बदनाम हुई हैं. बावजूद इसके ज्यादातर फिल्में ऐसी हैं, जिन्हें परिवार के साथ बैठकर देख सकते हैं. ये फिल्में फैमिली ड्रामा होती हैं, जिन्हें सेंसर बोर्ड से यू/ए सर्टिफिकेट मिलता है.”

भोजपुरी फिल्मों को दिल से देखे जाने की बात पर उन्होंने कहा, “मेरी पूरी कोशिश रहती है कि दर्शकों को ऐसी फिल्में दूं, जिसे देखकर मुझे प्यार मिले, नफरत नहीं. ऐसी फिल्म हो, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सके. भोजपुरी भाषा बहुत मीठी है. हमारी संस्कृति में रची-बसी है. उप्र, बिहार और झारखंड में बहुत मजबूत है. यहां भोजपुरी फिल्में खूब देखी जाती हैं. बीते पांच सालों में एक-आध फिल्म को छोड़कर मेरी हर फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट मिला है. हमारी फिल्मों में अश्लीलता नहीं है. लोगों को बिना देखे सवाल नहीं करना चाहिए.”

भोजपुरी सिनेमा भी बॉलीवुड की तरह सशक्त बनेगा? इस सवाल पर आम्रपाली ने कहा कि आज भोजपुरी फिल्में लोग देश-विदेश में भी देख रहे हैं. बॉलीवुड फिल्म कम से कम 10 करोड़ रुपए के बजट वाली होती हैं, लेकिन भोजपुरी फिल्म महज कुछ लाख के बजट में बन जाती हैं. कम बजट के बावजूद फिल्में हिट होती हैं. इंटरनेट की दुनिया में भी भोजपुरी फिल्में तहलका मचा रही हैं. एक वीडियो को कई करोड़ लोग देख रहे हैं. इससे हमारी मजबूती सिद्ध होती है. कहानी और कान्सेप्ट अच्छा होता है तो लोग फिल्म जरूर देखते हैं.

उन्होंने कहा कि भोजपुरी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए मल्टीप्लेक्स में भी जगह दी जानी चाहिए, जिससे व्यापार और प्रसार दोनों बढ़ेगा. इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि इससे भाषा और बजट दोनों मजबूत होंगे. वहीं राजनीति में रुचि के सवाल पर आम्रपाली ने कहा, “मुझे राजनीति बिल्कुल समझ नहीं आती. पिछले पांच सालों में देश का विकास बहुत तेजी से हुआ है. मोदी को पांच साल और देने की जरूरत है.”

चुनाव आचार संहिता को दरकिनार करते हुए और भाजपा की लाइन बोलते हुए आम्रपाली ने कहा, “हमारी सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक सरकार के मजबूत कदम को दर्शाती है. सबूत मांगने की बजाय, राजनीतिक दलों को सेना के पराक्रम पर विश्वास करना चाहिए. बार-बार सबूत मांगेंगे तो सेना का मनोबल कमजोर होगा. प्रधानमंत्री की बातों का भी भरोसा किया जाना चाहिए.”