मेरे लिए शिकारा सिर्फ एक फिल्म नहीं, मेरी मां की कहानी है: विधु विनोद चोपड़ा

इस फिल्म की स्क्रीनिंग दिल्ली में हुई जहां खास तौर पर जम्मू के जगती शरणाार्थी शिविर से 200 से ज्यादा कश्मीरी पंड़ितों को बुलाया गया था. इस स्क्रीनिंग में फिल्म शिकारा का मुख्य भाग दिखाया गया जिसे देखकर कश्मीरी पंड़ितों की आंखें नम हो गईं.
shikara special screening, मेरे लिए शिकारा सिर्फ एक फिल्म नहीं, मेरी मां की कहानी है: विधु विनोद चोपड़ा

कल कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के 30 साल पूरे होने पर फिल्म शिकारा की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी. इस फिल्म की स्क्रीनिंग दिल्ली में हुई जहां खास तौर पर जम्मू के जगती शरणाार्थी शिविर से 200 से ज्यादा कश्मीरी पंड़ितों को बुलाया गया था. आपको बता दें इस फिल्म में दिखाए गए रिफ्यूजी कोई प्रोफेशनल एक्टर्स नहीं बल्कि 4000 से ज्यादा कश्मीरी पंड़ितों से ही एक्टिंग कराई गई है. इस स्क्रीनिंग में फिल्म शिकारा का मुख्य भाग दिखाया गया जिसे देखकर कश्मीरी पंड़ितों की आंखें नम हो गईं.

19 जनवरी 1990 को कश्मीरी पंड़ितों को घाटी छोड़ पलायन करना पड़ा था. तकरीबन 4 लाख से भी ज्यादा कश्मीरी पंड़ित अपना घर और पुश्तैनी ज़मीन छोड़कर रिफ्यूजी कैंप में रहने के लिए मजबूर हो गए. घाटी में कई कश्मीरी पंडितों की बस्तियों में सामूहिक बलात्कार और लड़कियों के अपहरण किए गए और कई मंदिरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. इस भयानक दिन को आज भी कश्मीरी पंड़ित भुला नहीं पाए हैं और यहीं कारण है कि वे हर साल इस दिन को विस्थापन दिवस के तौर पर मनाते हैं. विधु विनोद चोपड़ा की आने वाली फिल्म शिकारा कश्मीरी पंड़ितों की ज़िदगी में बीती उस काली रात और खौफनाक मंजर की कहानी को बयां करती हैं. इस फिल्म में आपको  न्यूकमर आदिल खान और सादिय नजर आएंगे जो फिल्म में शिव कुमार धर और शांति धर का मुख्य किरदार निभा रहे हैं.

स्क्रीनिंग के दौरान विधु विनोद चोपड़ा काफी भावुक भी हो गए और उन्होंने बताया कि ये फिल्म उनके दिल के काफी करीब है. उन्होंने कहा- ‘इस फिल्म को बनाने में 11 साल की मेहनत लगी है. लोगों ने मुझसे कहां कि इतने समय में तो आप नजाने कितनी मुन्ना भाई या 3 इडियट्स बना लेते लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मेरे लिए ये सिर्फ एक फिल्म नहीं हैं. मेरे लिए ये फिल्म बहुत खास है क्योंकि इससे मेरे जज़बात जुड़े हुए हैं. ये फिल्म मैंने अपनी मां के लिए बनाई है जो लौटकर अपने घर कश्मीर नहीं जा पाईं. इस दौरान विधु विनोद चोपड़ा की मां शांती की एक डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई. गौरतलब है कि फिल्म में मुख्य किरदार का नाम भी शांति ही रखा गया है.

विधु विनोद चोपड़ा ने मीडिया से अपील की और ये कहानी जनता तक पहुंचाने की गुहार लगाई- फिल्म में एक डायलॉग है जिसमें कोई कहता है संसद में शोर मचेगा देखना. उस वक्त तो कोई शोर नहीं मचा पर आज तो शोर मचा दो. हम सभी को कश्मीरी पंड़ितों से माफी मांगनी चाहिए और कहना चाहिए कि हम तुम्हारी मदद नहीं कर पाए, इसके लिए हमें माफ कर देना’

आपको बता दें करीब 13 साल बाद विधु विनोद चोपड़ा अपनी फ़िल्म ‘शिकारा’ से निर्देशन की दुनिया में वापसी कर रहे हैं। इसस पहले उन्होंने साल 2007 में रिलीज़ फ़िल्म ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’ को डायरेक्ट किया था। शिकारा 7 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.

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