मोदी सरकार ने जामिया के मंसूबों पर फेरा पानी, कहा- शाहरुख को मत दो डॉक्टरेट डिग्री

नयी दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय बॉलीवुड के मशहूर सितारे शाहरुख खान को डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित करना चाहता था, लेकिन ऐसा करने के लिए बीजेपी सरकार से उन्हें अनुमति नहीं मिली. विश्वविद्यालय की सिफारिश को मंत्रालय ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि शाहरुख पहले ही मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की […]

नयी दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय बॉलीवुड के मशहूर सितारे शाहरुख खान को डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित करना चाहता था, लेकिन ऐसा करने के लिए बीजेपी सरकार से उन्हें अनुमति नहीं मिली. विश्वविद्यालय की सिफारिश को मंत्रालय ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि शाहरुख पहले ही मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर चुके हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह बात एक आरटीआई में सामने आई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जामिया ने पिछले साल फरवरी में एचआरडी मंत्रालय को शाहरुख को डिग्री देने वाली सिफारिश भेजी थी, जिसे तीन महीने बाद रिजेक्ट कर दिया गया. इससे पहले 30 जनवरी, 2018 को जामिया ने शाहरुख से संपर्क कर उन्हें विश्वविद्यालय का सबसे प्रतिष्ठित पूर्व छात्र होने के नाते मानद डिग्री देने की बात कही थी. विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए शाहरुख के एक असिस्टेंट ने ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को लिखा कि यह स्वीकार करना उनके लिए सम्मान की बात है. इसके बाद एचआरडी मंत्रालय को सिफारिश भेजी गई.

सिफारिश का जवाब देते हुए मंत्रालय के अनुसचिव पीके सिंह ने 26 फरवरी को विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर पूछा कि इस मामले पर अपना स्पष्टीकरण दें कि उन्होंने क्या किसी सक्षम अधिकारी से इसकी अनुमति ली है, क्योंकि वे इस पद पर नहीं है कि जामिया की सिफारिश को रिजेक्ट कर सकें.  इसके बाद विश्वविद्यालय ने कोई जवाब नहीं दिया और शाहरुख खान को डिग्री देने की तैयारियों में वे जुट गए. वहीं 11 अप्रैल को मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को एक पत्र लिखा, जिसमें उनकी सिफारिश को रिजेक्ट कर दिया गया.

इस मामले पर उच्च शिक्षा सचिव आर. सुब्रमण्यम ने जानकारी दी कि यूजीसी ने इस प्रकार के कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान को पता नहीं होता कि दूसरा संस्थान क्या कर रहा है. वहीं नीतियों के मामलों में हम इस प्रकार की बातों को हतोत्साहित करते हैं.