Leila Review: ‘जय आर्यावर्त’ के शोर में गुम हो गई है ‘लैला’

'लैला' में साल 2047 के आसपास के आर्यावर्त की कहानी कही गई है. ये वो समय है जब धार्मिक उन्माद अपने चरम पर है और...

निर्देशक: दीपा मेहता, शंकर रमन, पवन कुमार

लेखक: उर्मी जुवेकर, सुहानी कंवर, पैट्रिक ग्राहम, असद हुसैन (संवाद)

कलाकार: हुमा कुरैशी, सिद्धार्थ, राहुल खन्ना, आरिफ जकारिया, संजय सूरी, सीमा विश्वास, आकाश खुराना, अश्वथ भट्ट, मनीषा मैथरी

रेटिंग: 3.5/ 5

2047 के आर्यावर्त की कहानी
नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज ‘लैला’ में आर्यावर्त नाम के देश की कहानी बुनी गई है. आर्यावर्त में रहने वालों के लिए खास पैमाने तय किए गए हैं. इन पैमानों के आधार पर बताया जाता है कि ‘आदर्श पुरुष’ और ‘आदर्श महिला’ क्या होती है. आर्यावर्त में रहने वाले लोगों को इनका काफी कड़ाई से पालन करना होता है. जो महिलाएं इन पैमानों को नजरअंदाज करती हैं, उनका शुद्धीकरण किया जाता है. शुद्धीकरण के दौरान इन महिलाओं को कई तरह की यातनाओं से गुजरना पड़ता है.

शालिनी-रिजवान की लैला गुम
‘लैला’ के पहले सीजन में कुल छह एपिसोड हैं. ये सभी एपिसोड दर्शकों को बांधकर रखते हैं. हालांकि बीच में कहानी थोड़ी धीमी पड़ती नजर आती है. ‘लैला’ शालिनी, रिजवान और उनकी बेटी की कहानी कहती है. शालिनी और रिजवान की बेटी ‘जय आर्यावर्त’ के शोर में गुम हो गई है. ये दंपत्ति शुद्धतावादियों के निशाने पर आता है और यहां से शालिनी का उसकी बेटी के लिए संघर्ष शुरू होता है. ये संघर्ष बहुत हो रोचक और प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है.

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‘लैला’ के पहले सीजन में कुल छह एपीसोड हैं.

भविष्य में ऐसा होगा देश?
‘लैला’ में साल 2047 के आसपास के आर्यावर्त की कहानी कही गई है. ये वो समय है जब धार्मिक उन्माद अपने चरम पर है. पानी के लिए लोगों में मारपीट हो रही है. तकनीक का विकास तो हुआ है लेकिन गलियों की गंदगी जस-की-तस रह गई है. ‘लैला’ की ये वो सब चीजें हैं जिन्हें कई लोग भारत के भविष्य के रूप में देख रहे हैं. इसे लेकर विवाद भी उठ खड़ा हुआ है. दीपा मेहता, शंकर रमन और पवन कुमार निर्देशित ‘लैला’ दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है.

हुमा कुरैशी का शानदार अभिनय  
‘लैला’ में शालिनी का किरदार हुमा कुरैशी ने निभाया है. हुमा ने इस वेब सीरीज में गजब का काम किया है. उनका अभिनय वाकई काबिले तारिफ है. ‘लैला’ में हुमा के काम को अब तक का सबसे बेहतरीन अभिनय भी कहा जा सकता है. हुमा के अलावा सिद्धार्थ, आरिफ जकारिया और आकाश खुराना भी अपने-अपने किरदार में काफी जंचे हैं. इन्होंने भी अपने काम से काफी प्रभावित किया है. साथ ही ‘लैला’ का बैक ग्राउंड म्यूजिक भी शानदार है.