जावेद अख्तर Richard Dawkins Award पाने वाले पहले भारतीय, जानें क्यों और कैसे मिलता है ये पुरस्कार

प्रसिद्ध जीव विज्ञानी रिचर्ड डॉकिन्स (Richard Dawkins) के नाम पर मिलने वाले इस पुरस्कार के बाद जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आजमी (Shabana Azmi) ने ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी.
Javed Akhtar became first indian to receive Richard dawkins award, जावेद अख्तर Richard Dawkins Award पाने वाले पहले भारतीय, जानें क्यों और कैसे मिलता है ये पुरस्कार

प्रसिद्ध लेखक, गीतकार, और मशहूर शायर जावेद अख्तर (Javed Akhtar) को रिचर्ड डॉकिन्स पुरस्कार (Richard Dawkins Award) से सम्मानित किया गया है. अख्तर इकलौते ऐसे भारतीय हैं जिन्हें ये सम्मान मिला है. रिचर्ड डॉकिन्स पुरस्कार ऐसी शख्सियतों को दिया जाता है जो रिसर्च, विज्ञान, शिक्षा या मनोरंजन के क्षेत्र से ताल्लुक रखता हो और लॉजिकल तरीके से सार्वजनिक होकर धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का प्रयास कर रहा हो.

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जावेद अख्तर सोशल मीडिया (Social Media) समेत अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी बात को स्पष्ट लहजे में रखते रहे हैं. प्रसिद्ध जीव विज्ञानी रिचर्ड डॉकिन्स (Richard Dawkins) के नाम पर मिलने वाले इस पुरस्कार के बाद जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आजमी (Shabana Azmi) ने ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी. जिसके बाद तमाम बॉलीवुड सितारों समेत अन्य दिग्गजों ने भी जावेद अख्तर को बधाई दी है.


पति के इस पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद शबाना आजमी ने लिखा कि वर्तमान समय में जब धर्मनिरपेक्षता पर खतरा पैदा हो गया हो तो इस पुरस्कार की कीमत और बढ़ गई है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि जावेद, रिचर्ड डॉकिन्स से बेहद प्रभावित रहे हैं. अनिल कपूर दिया मिर्जा जैसे कई नाम हैं जिन्होंने पुरस्कार मिलने के बाद जाावेद अख्तर को बधाई दी है.

रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड के बारे में

रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड की शुरुआत 2003 में हुई थी. इसके पीछे की वजह ये थी कि कोई भी वो प्रतिष्ठित व्यक्ति जो तर्कसंगत तरीके से धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों की रक्षा की मुहिम में योगदान रखता हो. प्रसिद्ध जीव विज्ञानी रिचर्ड डॉकिन्स के नाम पर ये पुरस्कार दिया जाता है.

रिचर्ड डॉकिन्स ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे हैं, यूनिवर्सिटी में पढ़ाते वक्त उनका विषय साइंस ऑफ पब्लिक अंडरस्टैंडिंग रहा. डॉकिन्स को ऐसे व्यक्ति के रूप में पहचाना जाता है जो नास्तिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता हो. डॉकिन्स अपनी एक किताब ‘द सेल्फिश जीन’ (The Selfish Gene) के लिए खासे प्रसिद्ध हैं.

जावेद अख्तर के अलावा कई अन्य लोगों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, हालांकि जावेद अकेले इस पुरस्कार को पाने वाले भारतीय हैं.

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