जेब में थे 27 रुपये, 4 दिनों तक भूखे रहे, जावेद अख्तर के संघर्ष को याद कर इमोशनल हुईं शबाना आजमी

जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आजमी ने 55 साल पुरानी याद को साझा करते हुए ट्वीट किया.

साल 1964, अक्टूबर के महीने में वरिष्ठ लेखक और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर ने मुंबई में अपना पहला कदम रखा था. उस समय को बीते 55 साल हो चुके हैं. जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आजमी ने 55 साल पुरानी याद को साझा करते हुए ट्वीट किया.

‘मैं आपको सैल्यूट करती हूं’

उन्होंने लिखा, ‘आज ही के दिन 55 साल पहले एक 19 साल का लड़का बंबई सेंट्रल स्टेशन उतरा था. जेब में 27 रुपये और आंखों में सपने लिए जावेद अख्तर फुटपाथ पर सोए, 4-4 दिनों तक भूखे रहे लेकिन उन्हें खुद पर पूरा भरोसा था. ये मुश्किलों के आगे हार ना मानने की प्रेरणादायक कहानी है. मैं आपको सैल्यूट करती हूं.’

बेहतरीन लेखक और गीतकार

अब जावेद अख्तर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मारी शख्‍सियत हैं. वे एक स्क्रीनराइटर, लिरिक्स राइटर के तौर स्‍थापित हो चुके हैं. शब्दों के जादूगर, हिंदी सिनेमा के बेहतरीन राइटर और गीतकार जावेद अख्तर फिल्म इंडस्ट्री की उन महान हस्तियों में से एक हैं जिसने भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान दिलाई.

उन्होंने सलीम खान के साथ मिलकर शोले, जंजीर, दीवार और हाथी मेरा साथी सहित कई फिल्मों के डायलॉग्स और कहानियां लिखीं.

ये भी पढ़ें-

KBC 11: कंटेस्टेंट ने अमिताभ से पूछा, ‘आपको यंग रखने के लिए क्या करती हैं जया बच्चन’

ऋतिक रोशन के रील ब्रदर को डेट कर रही थीं ‘बिग बॉस 13’ कंटेस्टेंट माहिरा