15-16 साल की उम्र में घर से भागी, ऐसे लोगों के हाथ लगी जहां से बस मौत निकाल सकती थी : कंगना रनौत

कंगना (Kangana Ranaut) इन दिनों अपने होम स्टेट हिमाचल प्रदेश के मनाली (Manali) में हैं, जहां पर वो परिवार के साथ समय बिताने के अलावा सुंदर-सुदर वादियों का लुत्फ भी उठा रही हैं.
kangana ranaut lockdown viral video, 15-16 साल की उम्र में घर से भागी, ऐसे लोगों के हाथ लगी जहां से बस मौत निकाल सकती थी : कंगना रनौत

एक तरफ जहां लोग कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन के चलते घरों में कैद हैं. वहीं देशभर में बड़ी उत्साह के साथ चैत्र नवरात्र भी मनाए जा रहे हैं और कामना की जा रही हैं कि जल्द ही दुनिया से कोरोना वायरस का प्रकोप खत्म हो.

इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी लोगों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं और इस संकट की घड़ी पर चर्चा करते हुए कहा कि समय का दौर निकल जाता है और बस वह यादें छोड़ जाता है. उन्होंने अपने जीवन के अनुभव बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलते हुए मैंने मेडिटेशन किया और देखिए आज मैं कहां हूं.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

कंगना (Kangana Ranaut) इन दिनों अपने होम स्टेट हिमाचल प्रदेश के मनाली (Manali) में हैं, जहां पर वो परिवार के साथ समय बिताने के अलावा सुंदर-सुदर वादियों का लुत्फ भी उठा रही हैं. कंगना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह लोगों को घर में रहकर उदास होने और डिप्रेशन में कैसे नहीं जाएं, उसके लिए कुछ टिप्स दे रही हैं.

कंगना ने कहा, “घर में रहकर आप लोग बोर और उदास हो गए होंगे न… डिप्रेश्ड हो गए होगे और कई तो रो रहे होंगे. पर ये वक्त बुरा नहीं है. बुरे वक्त को कभी बुरा मत समझना, असल में वही अच्छा वक्त होता है. मैं 15-16 साल की थी, जब घर से भाग गई थी. ऐसे लोगों के हाथों में लगी, जहां से मुझे केवल मौत निकाल सकती थी. यह सब होने के बाद भी देखें  मैं कहां हूं.”

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

एक्ट्रेस ने आगे कहा, “उस समय मेरी जिंदगी में एक बहुत अच्छे शख्स आए. उन्होंने मुझे योग कराना शुरू किया. एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि आंखें बंद करो. मैंने आंखे बंद की तो मेरा रोना ही नहीं रुके और आंखे बंद ही नहीं हो रही थीं. वो कहने लगे बड़ी अजीब लड़की है आंखे ही नहीं बंद कर सकती, तो मेडिटेशन कैसे करेगी. उस समय उन्होंने मुझे एक योग की किताब दे दी और तभी से मैंने स्वामी विवेकानंद को अपना गुरू मान लिया. आपसे कहना चाहती हूं दोस्तों कि इस वक्त का फायदा उठाइये. यह बुरा वक्त ही अच्छा है.”

Related Posts