क्षितिज प्रसाद के वकील के आरोपों से एनसीबी का इनकार, कहा- जांच में नहीं कर रहा था सहयोग

खबरों में एनसीबी (Narcotics Control Bureau) अधिकारियों द्वारा क्षितिज (Kshitij Prasad) को अपमानित और पीड़ित करने का आरोप लगाया है.

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क्षितिज, धर्मा प्रोडक्शन में काम कर चुका है.

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत की जांच में सामने आए ड्रग्स एंगल ने जांच की दिशा ही बदल दी है. कई बॉलीवुड हस्तियों के नाम के साथ इस मामले में धर्मा प्रोडक्शन में कभी काम कर चुके क्षितिज प्रसाद (Kshitij Prasad) भी एनसीबी (Narcotics Control Bureau) की गिरफ्त में हैं. हाल ही में क्षितिज के वकील ने एनसीबी अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान बदसलूकी करने का आरोप लगाया था, जिसे अब एनसीबी ने खारिज कर दिया है.

क्षितिज प्रसाद के वकील सतीश मानेशिंदे द्वारा लगाए गए आरोपों पर एनसीबी ने अपना का आधिकारिक बयान दिया है. एनसीबी ने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है. साथ ही एनसीबी ने अपने बयान में यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान क्षितिज जांच में सहयोग नहीं कर रहा था.

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एनसीबी ने किए सभी आरोप खारिज

एनसीबी ने अपने बयान में कहा- एक खबर हर जगह चल रही है, जिसे सतीश मानशिंदे द्वारा रिलीज किया गया है. सतीश, जो कि क्षितिज रवि प्रसाद के वकील हैं. क्षितिज, जिन्हें अपराध संख्या 16/2020 के मामले में 26 अक्टूबर, 2020 को एनसीबी की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा गिरफ्तार किया गया था. खबरों में एनसीबी अधिकारियों द्वारा क्षितिज को अपमानित और पीड़ित करने का आरोप लगाया है. यहां बहुत स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि चल रही खबरें शरारती और पूरी तरह से असत्य है.

एजेंसी ने आगे कहा कि क्षितिज के घर से सबूत मिले हैं. जब एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराधों में क्षितिज की संलिप्तता सामने आई थी, तो उन्हें कानून की एक प्रक्रिया के बाद गिरफ्तार किया गया था. उनके वकील और उनके परिवार (मां) को प्रक्रिया के अनुसार सूचित किया गया था. उन्हें मुंबई जोनल यूनिट के कार्यालय में अपने ससुर और उनकी पत्नी से मिलने की भी अनुमति दी गई थी.

बयान में आगे कहा गया कि क्षितिज जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, इस तथ्य को माननीय न्यायालय के ध्यान में लाया गया था, जब उन्हें चिकित्सा जांच के बाद रिमांड के लिए 27 अक्टूबर, 2020 को एनसीबी हिरासत में देने का अनुरोध किया गया था. माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 03 अक्टूबर, 2020 तक क्षितिज को एनसीबी की हिरासत में भेजा है.

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क्षितिज के वकील के आरोप

बताते चलें कि क्षितिज प्रसाद के वकील सतीश मानशिंदे ने एनसीबी की जांच और क्षितिज को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ में हुए बर्ताव पर खूब सवाल उठाएं थे. उनका कहना था कि क्षितिज के साथ एनसीबी की कस्टडी में बिलकुल भी अच्छा बर्ताव नहीं किया गया. उसपर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वो कई बॉलीवुड और धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े लोगों का नाम इस केस में ले.

उन्होंने कहा- “कस्टडी में समीर वानखेड़े के अलावा एनसीबी अधिकारी क्षितिज के प्रति विनम्र थे. सभी ने क्षितिज को आरामदायक नींद की व्यवस्था प्रदान की. लेकिन अगली सुबह जब क्षितिज के बयान की रिकॉर्डिंग फिर से शुरू हुई, तो क्षितिज को समीर वानखेड़े द्वारा कई अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्पष्ट रूप से सूचित किया गया था कि चूंकि वह धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़े थे, इस वजह से अगर क्षितिज –  करण जौहर, सोमल मिश्रा, राखी, अपूर्व, नीरज या राहिल को फंसा देता और उन सभी पर झूठा आरोप लगाता की उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया है. तो वो क्षितिज  को छोड़ देने की बात कर रहे थे. अधिकारियों ने क्षितिज पर खूब दबाव डाला लेकिन क्षितिज ने किसी का भी गलत नाम नहीं लिया.”

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