मजाल किसी की जो कंगना को चुप करा सके… अभिनेत्री के पास हर बात का जवाब, भले ही बेतुका क्यों न हो

वो कहते हैं न कि कुछ लोग ईंट का जवाब पत्थर से देते हैं. तो बस कंगना (Kangana Ranaut) आजकल इसी में लगी हैं. कोई उनपर हमला बोलता है तो कंगना राशन पानी लेकर उनपर चढ़ जाती हैं.

कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को कोई कितना भी गरिया ले, उनके तेवर कम होने वाले नहीं है. वो कहते हैं न कि कुछ लोग ईंट का जवाब पत्थर से देते हैं. तो बस कंगना आजकल इसी में लगी हैं. कोई उनपर हमला बोलता है, तो कंगना राशन पानी लेकर उनपर चढ़ जाती हैं. ऐसा ही आज हुआ है, जब कंगना ने जया बच्चन (Jaya Bachchan) के बयान पर पलटवार किया.

चूंकि हम सब जानते हैं कि जया बच्चन अभिनेत्री के साथ-साथ समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद भी हैं. अब जया बच्चन ने आज अपने बयान में बॉलीवुड को ड्रग्स के साथ जोड़ने वालों को घेरा, तो कंगना भी चुप रहने वालों में से कहां थीं. कंगना ने जया बच्चन पर निशाना साधते हुए कह डाला कि अगर यह सब आपके बेटे और बेटी के साथ होता, तो क्या आप तब भी यही बात कहेंगी. कंगना के इस बयान से अब समाजवादी पार्टी एक्टिव हो गई.

सबके ऊपर निशाना साधकर आगे बढ़ना चाहती हैं?

समाजवादी पार्टी के डिजिटल मीडिया कोर्डिनेटर इस दंगल में कूद पड़े. इनका नाम है मनीष जगन अग्रवाल. कंगना के बयान पर मनीष ने जवाब देते हुए लिखा- “कंगना जी आप सबके संघर्षों को गाली देकर, तुच्छ बताकर, सबके ऊपर निशाना साधकर आगे बढ़ना चाहती हैं? करण जौहर हों या अन्य फ़िल्म निर्माता सभी लोगों की सामूहिक मेहनत से ये भारतीय फिल्म इंडस्ट्री खड़ी हुई है, कोई भी इंडस्ट्री आपकी तरह सबको गाली देकर 1-2 दिन में खड़ी नहीं हो जाती.”

अच्छा हुआ कंगना ने इस बार बाप नहीं कहा

अब करण जौहर का नाम आया है, तो कंगना तो बिल्कुल चुप नहीं रहने वाली थीं. कंगना की नजर में सबसे बड़ा मूवी माफिया तो करण जौहर ही है. सालों से कंगना करण जौहर पर नेपोटिज्म का लेबल लगाती आई हैं. ऐसे में वो चुप कहां रहने वाली थीं. सपा के नेता के ट्वीट पर कगंना ने तुरंत पलटवार किया. कंगना ने करण जौहर के साथ-साथ उनके पिता को भी घेरा. गनीमत रही इस बार कंगना ने ‘बाप’ नहीं ‘पापा’ शब्द का इस्तेमाल किया. नहीं तो फिर से ‘बाप’ पर बड़ा बवाल खड़ा हो जाता.

इंडस्ट्री सिर्फ करण जोहर/उसके पापा ने नहीं बनाई

मनीष को जवाब देते हुए कंगना ने लिखा- “इंडस्ट्री सिर्फ करण जोहर/उसके पापा ने नहीं बनाई, बाबा साहेब फाल्के से लेकर हर कलाकार और मजदूर ने बनाई है, उस फ़ौजी ने जिसने सीमाओं को बचाया, उस नेता ने जिसने संविधान की रक्षा की है, उस नागरिक ने जिसने टिकट ख़रीदा और दर्शक का किरदार निभाया, इंडस्ट्री करोड़ों भारतवासियों ने बनाई है.”

निखिल द्विवेदी ने मारी अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी

जैसे-तैसे कंगना ने इन सपा नेता को चुप कराया ही था, कि अब विवाद में अभिनेता और निर्माता निखिल द्विवेदी कूद पड़े. इस स्थिति में निखिल द्विवेदी पर दो कहावत एक दम सटीक बैठती हैं… एक- आ बैल मुझे मार और दूसरी- पैर पर कुल्हाड़ी मारना.

निखिल द्विवेदी ने लिखा- “इस तर्क से फ़िल्म जगत के भी एक-एक व्यक्ति ने सारे भारतवर्ष का निर्माण किया है. हर चीज में हमारा भी उसी तरह योगदान है. आपको बनाने में भी. आपकी फिल्मों की टिकट भी हम ने खरीदी हैं, मगर कल को आप कुछ गलत करें या सही तो हम सम्पूर्ण फिल्मजगत को ना तो दोषी ठहरा सकते हैं ना दाद दे सकते हैं.”

अब कंगना पहले से ही अपने ट्वीट के जरिए आग उगल रही हैं, ऐसे में निखिल को बचना चाहिए था कुछ कहने से… पर क्या कर सकते हैं जब ओखली में सिर दिया तो मसूलों का क्या डर… वैसे भी निखिल, रिया चक्रवर्ती का समर्थन कर पहले ही कंगना के निशाने पर हैं. जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि हाल ही में निखिल ने कहा था कि रिया जब भी बाहर आएंगी, वो उनके साथ जरूर फिल्म करेंगे.

क्या निर्माण किया? आइटम नम्बर्ज़ का?

निखिल के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए कंगना ने लिखा- “क्या निर्माण किया? आइटम नम्बर्ज़ का? अधिकतर वाहियात फिल्मों का? ड्रग्स कल्चर का? देशद्रोह और टेररिज़म का? बॉलीवुड पर दुनिया हंसती है, देश का हर जगह मखौल बनाया जाता है, पैसे और नाम तो दवूद ने भी कमाया है, मगर इज्जत चाहिए तो उसे कमाने की कोशिश करो, काली करतूतें छुपाने की नहीं.”

दोनों तरफ से अब बहस शुरू हो गई. फिल्म इंडस्ट्री पर सवाल खड़े करने पर निखिल ने लिखा- “अगर यह इतनी ही वाहियात जगह थी तो आपको यहां किस चीज ने आकर्षित किया कि आप इतना सब छोड़ के इतनी मुसीबते सहने के बाद भी यहां डटी रहीं? कुछ तो सही देखा होगा ना आपने भी? वही सही हमें भी दिखता है. काली करतूतों को ज़रूर उजागर कीजिये जैसे कि हर उद्योग कि होनी चाहिए. हम आपका समर्थन करेंगे.”

कंगना का जवाब- “जी मैं आकर्षित हुई क्योंकि जो माफिया यहां लोगों पर अत्याचार और जुल्म कर रही है, उसकी पोल एक दिन खुलनी थी, और खुल गयी.”

इसके बाद भी निखिल और कंगना के बीच तू-तू, मैं-मैं जारी रही.

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