Confession: बॉलीवुड में काम के बदले ‘कास्टिंग काउच’ की बातें गलत – श्वेता त्रिपाठी

मेरा विश्वास करें, जब मैं यह कहती हूं, कोई भी जबरदस्ती हमारे मुंह में ड्रग्स नहीं डाल सकता है! यदि कोई युवा ड्रग्स लेना चाहता है, तो वे इसे कैसे भी ले लेंगे, चाहे वह मुंबई में हो या देश के किसी भी छोटे शहर में रह रहा हो. इसका मुंबई शहर से कोई लेना-देना नहीं है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:49 pm, Sat, 19 September 20

कंगना रनौत के 99 प्रतिशत बॉलीवुड द्वारा ड्रग्स का सेवन करने के दावे को गलत मानते हुए अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने इसे आधा सच बताया है.’कार्गो’ और ‘द गॉन गेम’ जैसी हालिया डिजिटल रिलीज में अभिनय से प्रभावित करने वाली ‘मसान’ फेम श्वेता ने यह भी कहा कि कंगना का यह भ्रम है कि अभिनेत्रियों को काम पाने के लिए किसी के साथ सोना पड़ता था और यह कहना कि बाहरी लोग ‘सिनेमा की बड़ी बुरी दुनिया’ में समझौता करने के बाद ही जगह बनाते हैं, ऐसा नहीं है और न ही बॉलीवुड ऐसे काम करता है.

श्वेता ने ने बताया, “मुझे लगता है कि ये जो बातें घूम रही हैं कि फिल्म उद्योग के आधे लोग नशा करते हैं, या यह कि महिला अभिनेत्रियां काम पाने के लिए किसी के साथ सोती हैं, और बाहरी लोग बेहतरीन और अच्छी स्क्रिप्ट पाने के लिए और ‘सिनेमा की बड़ी बुरी दुनिया’ में समझौता करने के बाद ही अपनी जगह बना पाते हैं. नहीं यह वो चीजें नहीं हैं, जैसे हम बॉलीवुड में काम करते हैं.”

कोई जबरदस्ती ड्र्ग्स नहीं करा सकता

उन्होंने आगे कहा, “मेरा विश्वास करें, जब मैं यह कहती हूं, कोई भी जबरदस्ती हमारे मुंह में ड्रग्स नहीं डाल सकता है! यदि कोई युवा ड्रग्स लेना चाहता है, तो वे इसे कैसे भी ले लेंगे, चाहे वह मुंबई में हो या देश के किसी भी छोटे शहर में रह रहा हो. इसका मुंबई शहर से कोई लेना-देना नहीं है. मैं सभी माता-पिता को बताना चाहती हूं कि अपने बच्चों की परवरिश, सही दिशा में नैतिकता के साथ बढ़ने साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान रखना जरूरी है.”

अभिनेत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि जब हम अपना बैग पैक करते हैं और मुंबई आते हैं, तो हमारे माता-पिता को पूछना चाहिए कि क्या हम ठीक हैं, बजाय इसके कि हमें शुरुआती संघर्ष से हार मान लेना चाहिए, जिससे हम सब गुजरते हैं. अगर हमसे लगातार यह पूछा जाए कि हम कितना पैसा कमाते हैं और कहा जाता है कि हमारा संघर्ष समय की बबार्दी के अलावा कुछ नहीं है, यह वास्तव में किसी भी नवोदित प्रतिभा पर एक अलग तरह का मानसिक दबाव बनाता है.

बॉलीवुड के बदनाम न करें

यह ड्रग्स के सेवन के बारे में नहीं है. यह उन मुद्दों के बारे में है जिसका वह सामना करते हैं, जो उन्हें अंधेरे और नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की दुनिया में ले जाते हैं. मुझे लगता है कि किसी उद्योग को बदनाम करने के बजाय इन मुद्दों के बारे में बात किया जाना चाहिए.”

पिछले कुछ हफ्तों में फिल्म इंडस्ट्री में कई महिला हस्तियों ने बॉलीवुड में फैली नकारात्मकता के खिलाफ आवाज उठाई है. इनमें अभिनेत्री जया बच्चन, हेमा मालिनी, विद्या बालन, उर्मिला मातोंडकर, तापसी पन्नू और गायिका सोना महापात्रा शामिल हैं.