क्या लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग वाले दिन रिलीज होगी ‘पीएम नरेंद्र मोदी’?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक का कई लोग विरोध कर रहे हैं. ज्यादातर इसका विरोध राजनीतिक पार्टियों की ओर से किया जा रहा है. राजनीतिक दलों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के समय पीएम मोदी पर बनी फिल्म को प्रदर्शित करना कोड़ ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है.

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय स्टारर फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ वैसे तो 5 अप्रैल यानि शुक्रवार को रिलीज होनी थी, लेकिन इसकी रिलीज पर लगी रोक वाली याचिका के कारण सुप्रीम कोर्ट से फिल्म की रिलीज को हरी झंडी नहीं मिल सकी. इस याचिका पर कोर्ट 8 अप्रैल को सुनवाई करेगा. वहीं इस बीच यह खबर आई है कि अब फिल्म को 11 अप्रैल को रिलीज किया जाएगा यानि की उसी दिन जिस दिन लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण में मतदान किए जाएंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित इस फिल्म की 11 अप्रैल की रिलीज की पुष्टि खुद विवेक ओबेरॉय ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट करके की थी. ऐसी खबरें है कि इस ट्वीट में उन्होंने फिल्म का पोस्टर शेयर किया था, जिसमें रिलीज डेट 11 अप्रैल लिखी हुई थी, लेकिन अब इस फोटो को एडिट करके ट्वीट से जोड़ा गया है, जिसमें फिल्म की रिलीज की तारीख कटी हुई है. हालांकि विवेक ने जो इंस्टाग्राम पर ये तस्वीर पोस्ट की है उसमें रिलीज डेट 11 अप्रैल ही दी हुई है. फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है

वहीं इस पोस्टर के साथ विवेक ओबेरॉय ने कैप्शन में लिखा, “आपकी दुआओं, प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया. भारतीय न्यायपालिका का शुक्रिया. हम आशा करते हैं कि आपको फिल्म पसंद आएगी और यह सभी को प्रेरित करेगी. जय हिंद.”

बता दें कि इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए एक याचिक दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक की रिलीज पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर 8 अप्रैल को सुनवाई होगी. जस्टिस एस.ए. बोबडे, जस्टिस एस.अब्दुल नजीर और जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने अमन पंवार की याचिका पर सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी. अमन पंवार कांग्रेस के प्रवक्ता है. उन्होंने दलील दी है कि चुनाव से पहले मोदी की बायोपिक रिलीज चुनावी मुकाबले को प्रभावित करेगी.

बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हुआ है. इससे पहले दो न्यूजपेपर के फ्रंट पेज पर छपे इस फिल्म के पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हुआ था. पीएम नरेंद्र मोदी के प्रमोशन को लेकर छापे गए इस पोस्टर को लेकर 20 मार्च को इन दोनों न्यूजपेपर्स को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया था.

फिल्मी हस्तियों की नाराजगी

फिल्म के पोस्टर पर अपना नाम देख जानेमाने लेखक जावेद अख्तर और समीर ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की. सबसे पहले जावेद अख्तर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ट्वीट किया था कि उन्होंने इस फिल्म के लिए कोई भी गाना नहीं लिखा है फिर भी इसके पोस्टर पर उनका नाम लिखा गया है. जावेद अख्तर के बाद समीर ने भी इसी प्रकार का एक ट्वीट करते हुए कहा कि वे हैरान है यह देखकर कि जिस फिल्म के लिए उन्होंने कोई गाना नहीं लिखा है उसके पोस्टर में उनका नाम दिया गया है.

हालांकि फिल्म निर्माताओं ने जावेद अख्तर और समीर की नाराजगी के बाद एक बयान जारी करते हुए कहा था कि फिल्म में उनके गाने सुनो गौर से दुनियावालों और ईश्वर अल्लाह का उन्होंने अपनी फिल्म में इस्तेमाल किया है. यही वजह है कि फिल्म के पोस्टर पर जावेद अख्तर और समीर का नाम दिया गया था.

इस फिल्म से नाराजगी जाहिर करने वालों में एक नाम बॉलीवुड दबंग सलमान खान का नाम भी शामिल हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सलमान पीएम नरेंद्र मोदी की इस बायोपिक से इसलिए नाराज हैं क्योंकि सुनो गौर से दुनियावालों गाना उनकी फिल्म से लिया गया है. बता दें कि यह गाना फिल्म दस के लिए शूट किया गया था, जिसमें सलमान खान, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी और संजय दत्त शामिल थे. इस फिल्म के निर्देशक को हार्ट अटैक आ गया था, जिसके बाद फिल्म का निर्माण पूरा नहीं हो सका. सलमान और विवेक के बीच का विवाद किसी से छिपा नहीं है. खबरें है कि सलमान नहीं चाहते कि इस गाने को विवेक ओबेरॉय की फिल्म के लिए इस्तेमाल किया जाए.