एक तरफ खाकी तो दूसरी तरफ पिक्‍चर बाकी, पढ़ें कैसे भोजपुरी सिनेमा का स्‍टार बना ये पुलिसवाला

आनंद कुमार ओझा सिर्फ रील लाइफ में ही नहीं बल्कि रियल लाइफ में भी स्टार हैं. उन्होंने एक पुलिस वाले के रूप में भी बेंचमार्क सेट किया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:53 am, Mon, 17 February 20

इन दिनों उत्तर प्रदेश के एक पुलिस ऑफिसर की खूब चर्चा हो रही है, जिसका नाम आनंद कुमार ओझा है. आनंद अपनी एक्टिंग के चलते सुर्खियों में छाए हुए हैं. आनंद यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं.

आगरा के व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक मूवमेंट पर नज़र रखने वाले आनंद आज भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम बन चुके हैं. उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए पुलिस की जॉब के साथ-साथ एक्टिंग में अपना करियर बनाया.

आनंद बचपन से ही एक्टिंग में अपना करियर बनाना चाह रहे थे, लेकिन अपने पिता की इच्छा का ख्याल रखते हुए उन्होंने यूपी पुलिस की नौकरी करनी शुरू की.

पुलिस फोर्स ज्वाइन करने से पहले एक्टिंग में अपना लक आजमाने के लिए आनंद मुंबई भी गए, लेकिन काफी कोशिश करने के बाद भी तब वो सफल नहीं हो पाए. इसके बाद उन्होंने साल 2001 में यूपी पुलिस ज्वाइन किया, लेकिन इसके साथ-साथ वो एक्टिंग में भी अपना करियर बनाने के लिए कोशिश करते रहे.

आनंद को एक्टिंग का पहला मौका तब मिला जब वो साल 2005 में यूपी के तत्कालीन सीएम ‘मुलायम सिंह यादव’ की सिक्योरिटी कॉन्वॉय में शामिल थे और उनकी सुरक्षा के लिए मुंबई गए थे. वहां उनकी मुलाकात भोजपुरी फिल्म प्रोडूसर निर्मल पांडे से हुई और वहीं से उनकी किस्मत बदल गई.

आनंद ने मुंबई में ही निर्मल पांडे को अपना ऑडिशन दिया, जिसके कुछ दिन बाद उन्हें पहली फिल्म ‘पियार करेला तुही से’ में लीड रोल का ऑफर मिला. इसके बाद उन्होंने और भी कई भोजपुरी फ़िल्में की, लेकिन उन्हें असली पहचान साल 2013 में आई फिल्म ‘ सबसे बड़ा मुजरिम’ से मिली.

ये फिल्म हिट रही और यहीं से आनंद भोजपुरी सिनेमा के स्टार बन गए. इसके बाद उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे. आनंद के पास फिलहाल इस वक्त पांच नई फिल्में है और वो जल्द ही फिल्म ‘माही’ की शूटिंग के लिए अप्रैल में यूरोप जाएंगे.

आनंद सिर्फ रील लाइफ में ही नहीं बल्कि रियल लाइफ में भी स्टार हैं. उन्होंने एक पुलिस वाले के रूप में भी बेंचमार्क सेट किया है. साल 2013 में लखनऊ में पोस्टिंग के दौरान आनंद ने एक 22 साल की कॉलेज की लड़की को अपहरणकर्ताओं से बचाया था.

आपको बतादें कि, आनंद यूपी पुलिस के आचार संहिता में बंधे होने के चलते फिल्मों में काम करने के लिए कोई पैसे भी नहीं लेते. वो फ़िल्में सिर्फ अपने एक्टिंग पैशन को पूरा करने के लिए फिल्में करते हैं.

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