आखिर अमिताभ बच्चन को गुस्सा क्यों आया? लिखा- हमारा यज्ञ शुरू होते ही, तुम राक्षसों की तरह तड़पोगे…

ऐश्वर्या (Aishwarya Rai Bachchan) और आराध्या (Aaradhya Bachchan) के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अमिताभ (Amitabh Bachchan) काफी खुश और भावुक हैं. अपने ये इमोशन्स अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए शेयर किए हैं.
Amitabh Bachchan get angry, आखिर अमिताभ बच्चन को गुस्सा क्यों आया? लिखा- हमारा यज्ञ शुरू होते ही, तुम राक्षसों की तरह तड़पोगे…

ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) और उनकी बेटी आराध्या बच्चन (Aaradhya Bachchan) की कोरोनावायरस (Coronavirus) रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. इसकी जानकारी कल यानी 27 जुलाई को अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) ने अपने एक ट्वीट के जरिए दी थी. फिलहाल, अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और अभिषेक बच्चन अभी भी अस्पताल में ही हैं. ऐश्वर्या और आराध्या के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अमिताभ काफी खुश और भावुक हैं.

अपने ये इमोशन्स अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए शेयर किए हैं. इतना ही नहीं अमिताभ ने अपने इस ब्लॉग के जरिए यह भी बताने की कोशिश की है कि कुछ लोगों ने उनके कोविड से मरने की कामना भी की. ऐसे लोगों को अपने इस ब्लॉग के जरिए अमिताभ ने करारा जवाब दिया है.

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‘आप जल्द ही घर लौटेंगे’

अमिताभ बच्चन ने लिखा, “वो घर चले गए… लिटिल वन (आराध्या) और बहुरानी… और आंसू बह निकले… छोटी ने गले लगाया और मुझसे रोने के लिए मना करते हुए कहा… ‘आप जल्द ही घर लौटेंगे’ उसने आश्वासन दिया… मुझे उस पर विश्वास करना चाहिए.”

विनम्रता को समय खा गया

बिग बी ने आगे लिखा, “दिन के एकांत में जब सूरज ढल जाता है और बिस्तर पर खिड़की के किनारे पर छांव और अंधेरा दिखाई देने लगता है… मैं बैठ जाता हूं और उस पर चिंतन करता हूं, जिसमें शिथिलता आती है. मन और मस्तिष्क के माध्यम से सोने के समय में लिखने के विचार चलते हैं. कल या जैसे ही डे ब्रेक होगा, मैं इस पर किताब लाऊंगा… दुष्ट, निडर, क्रोध, गहरा आक्रोश. और मैं ऐसा करूंगा. इसमें से कुछ अभी भी सिस्टम को बुनता है. यह वास्तव में लगाया जाएगा… विनम्रता को समय खा गया है. कह दो… बता दो… उन्हें सुनने दो और सिक्के के दूसरे पक्ष को पढ़ें.”

अब विनाश शिफ्ट होगा

उन्होंने लिखा, “मैंने इसे कविता के रूप में लिखा है… हिंदी में .. यह बेहतर लगता है .. ऐसा नहीं है कि मेरी हिंदी सबसे अच्छी है, लेकिन यह पर्याप्त है… सभी की जरूरत है पर्याप्तता, इसलिए जब तक मैं इसका कारण नहीं समझता.. कारण से आशय वह है जिसकी आवश्यकता होगी. मैं अब रिटायर हो जाऊंगा. बिस्तर मुझे और अधिक विचारों के लिए आमंत्रित करेगा. मुझे यह पसंद है… यह मेरी नींद में खलल डालता है, लेकिन फिर, इन सभी निष्क्रिय वर्षों में नींद उन सभी को परेशान कर रही है. अब विनाश शिफ्ट होगा.”

“सुनकर अच्छा लगा? चलो अच्छा है… इसका एक आकर्षक स्क्रीन प्ले यह नहीं है… स्क्रीन प्ले लेखकों की कल्पना है… कल्पनाएं कभी-कभी सच हो जाती हैं.. मेरे लिए नहीं हो सकती हैं… लेकिन क्या इसलिए मैंने कल्पना की थी.”

मरने की कामना करने वालों को अमिताभ का जवाब

अमिताभ ने अब उन लोगों के लिखा जिन्होंने उनके मरने की कामनी की. अमिताभ लिखते हैं- “वे मुझे बताने के लिए लिखते हैं- ‘मैं आशा करता हूं कि आप कोविड के साथ मरेंगे’… हे मिस्टर एनोनिमस आप अपने पिता का नाम भी नहीं लिखते, क्योंकि आप नहीं जानते कि आपको किसने बनाया है. केवल दो चीजें हैं जो हो सकती हैं या तो मैं मर जाऊंगा या फिर मैं जीवित रहूंगा. अगर मैं मर गया तो आप किसी सेलिब्रिटी के नाम पर ऐसी टिप्पणी नहीं करेंगे.अपना डायट्राइब लिखना नहीं चाहते हैं. अफ़सोस कि आपके लेखन पर ध्यान देने का कारण यह था, क्योंकि आपने अमिताभ बच्चन पर एक कड़ी चोट देने की सोची, जो अब संभव नहीं होगा.”

“अगर ईश्वर की कृपा से मैं जीवित रहता हूं तो आपको ‘स्वाइप’ तूफान का ‘सामना’ करना पड़ेगा, न केवल मुझसे, बल्कि बहुत ही रूढ़िवादी स्तर पर, 90 प्लस मिलियन फॉलोअर्स से भी… मुझे उन्हें अभी तक बताना नहीं है, लेकिन अगर मैं बच गया तो मैं आपको बता दूं कि वे एक सेना के विरोधी हैं. उन्होंने पूरी दुनिया को पीछे कर दिया. पश्चिम से पूर्व से उत्तर से दक्षिण तक… और वे सिर्फ इस पेज के फॉलोअर्स नहीं हैं, वह एक परिवार हैं, जो कि एक्सटर्मिनेशन फैमिली बन गई है.”

हमारा यज्ञ प्रारम्भ होते ही, तुम राक्षसों की तरह तड़पोगे

आखिर में अमिताभ ने लिखा, “मारीच, अहिरावन , महिषासुर, असुर , उपनाम हो तुम. हमारा यज्ञ प्रारम्भ होते ही, तुम राक्षसों की तरह तड़पोगे , जान लो इतना कि अब तुम ही केवल समाज की आवाज़ ना हो. चरित्र हीन, अविश्वासी , श्रद्धा हीन , लीचड़ तुम हो. जलो गलो पिघलो , बेशर्म , बेहया , निर्लज्ज, समाज कलंकी …”

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