कामुकता का मतलब कम कपड़े पहनना नहीं होता: रवीना टंडन

रवीना ने कहा, "कामुकता का तात्पर्य कम कपड़ों से नहीं है. आप कुछ भी पहनकर आकर्षक लग सकते हैं."

एक्ट्रेस रवीना टंडन का कहना है कि कामुकता का तात्पर्य कपड़ों को कम करने से नहीं है. उन्होंने कहा कि कोई इसे कैसे पहनता है या संभालता है, यह इस बात पर निर्भर करता है.

रवीना ने कहा, “कामुकता का तात्पर्य कम कपड़ों से नहीं है. आप कुछ भी पहनकर आकर्षक लग सकते हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस परिधान को किस तरह से डिजाइन किया गया है और आप उसे किस तरह से पहनते या संभालते हैं.”

फिल्मों के बारे में बात करते हुए रवीना ने कहा, “मुझे कई सारी फिल्मों के ऑफर मिले हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे हैं जिन्हें मैं करना पसंद करूंगी.”

डिजाइनर रॉकी एस. के साथ चैट शो ‘नॉट जस्ट सुपर स्टार्स’ पर आकर अभिनेत्री ने अपने इन विचारों को साझा किया. इस कार्यक्रम का प्रसारण जी कैफे पर होता है.

दूसरी तरफ, ट्विंकल खन्ना द्वारा लिखित उपन्यास ‘पजामास आर फॉरगिविंग’ को पिछले साल के लिए कथा साहित्य के क्षेत्र में क्रॉसवर्ड बुक अवॉर्ड मिला.

क्रॉसवर्ड बुक अवॉर्ड्स के 17वें संस्करण पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “लेखकों में आत्म-मूल्य की भावना को महसूस करने के लिए काल्पनिक सोच की आवश्यकता है कि उनका काम किसी के ध्यान के योग्य है और इसके बाद अपने काम को निष्पक्ष रूप से देखें. खुद को सुनें, अपने सुझाव बनाएं और उन्हें शामिल करें.”

ट्विंकल के इस उपन्यास की कहानी अंशु नामक एक मध्यम आयु वर्ग की एक महिला द्वारा सुनाई गई है जो नींद की बीमारी से पीड़ित है. संगीतज्ञ ए. आर. रहमान की जीवनी पर आधारित किताब ‘नोट़्स ऑफ ए ड्रीम’ को बायोग्राफी के लिए यह पुरस्कार मिला जिसे कृष्णा त्रिलोक ने लिखा है.

नॉन-फिक्शन या अकाल्पनिक लेखन की श्रेणी में शांता गोखले की लिखी किताब ‘वन फुट ऑन द ग्राउंड : ए लाइफ टोल्ड थ्रू द बॉडी’ को ज्यूरी अवॉर्ड से नवाजा गया जबकि गौर गोपाल दास की किताब ‘लाइफ्स अमेजिंग सीक्रेट्स : हाउ टू फाइंड बैलेंस एंड परपज’ को पॉप्युलर नॉन-फिक्शन अवॉर्ड मिला.

ये भी पढ़ें-

प्लेन में चाइल्ड एक्ट्रेस के साथ छेड़खानी करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा

जब चंबल में डकैतों के सामने अकेली फंसी कंगना रनौत, एक्ट्रेस से की ये डिमांड