Fact Check: निर्वाचन क्षेत्र में 100 से ज्यादा प्रत्याशी हुए तो बैलेट पेपर से होगी वोटिंग!

सोशल मीडिया में ईवीएम की कैपेसिटी को लेकर वायरल पोस्ट के मुताबिक 100 से ज्यादा उम्मीदवार वाले निर्वाचन क्षेत्र में बैलेट पेपर से वोटिंग कराई जाएगी.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के जोर पकड़ने के साथ ही ईवीएम को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी शुरू हो चुकी है. सोशल प्लेटफॉर्म पर फैल रही खबरों के मुताबिक 100 से अधिक उम्मीदवार वाले निर्वाचन क्षेत्र में बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग करवाई जाएगी.

वायरल हो रही पोस्ट में लिखा गया है- “जहां कहीं भी 100 से अधिक उम्मीदवार होंगें वहां EVM का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा… अगर आप चाहते हैं कि आपके क्षेत्र में चुनाव EVM से न होकर बैलेट पेपर से हो तो… अपने अपने क्षेत्र से अधिक से अधिक उम्मीदवारों का चुनाव में खड़ा रहने में मदद करें और लोकतंत्र को बचा लें… #BanEVM”
फेसबुक और ट्विटर दोनों जगह ये पोस्ट वायरल हो चुकी है.

क्यों है ऐसा ?
कुछ समय पहले तेलंगाना में निज़ामाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ी एक रिपोर्ट पेश की गई थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना से 185 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं इसलिए यहां वोटिंग के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा. लोगों के हिसाब से ईवीएम में 100 से ज्यादा नामों का डाटा फीड नहीं किया जा सकता है.

लोगों को ईवीएम क्यों नहीं चाहिए ?
लोगों में ईवीएम को लेकर तरह-तरह के मिथ वायरल होते हैं. ईवीएम का हैक होना इसमें सबसे आम है. कई लोग ये मानते हैं कि ईवीएम के जरिए होने वाले मतदान सुरक्षित नहीं होते हैं और ईवीएम से छेड़छाड़ की जाती है. इसी धारणा के चलते लोगों ने ईवीएम का विरोध करना शुरू कर दिया है. ऐसे लोगों के हिसाब से बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग आसानी से हो सकती है.

चुनाव आयोग ने खारिज किया दावा
वोटिंग मशीन से जुड़ी अफवाहों पर रोक लगाते हुए एक प्रवक्ता ने ट्वीट भी किया है.


उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने ईवीएम से जुड़ी इस खबर को फर्जी बताया है, उन्होंने कहा- “हैदराबाद में पहली बार ईवीएम मशीन बनाई गई थी. एक बार फिर यह सर्वाधिक वोटिंग मशीन के इस्तेमाल वाला राज्य बन कर, एक बार फिर इतिहास बनाने जा रहा है. इससे पहले, देश में अधिकतम चार वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाता था. अब, पहली बार निज़ामाबाद में, एक कंट्रोल यूनिट से 12 वोटिंग मशीनों को जोड़कर उपयोग में लाया जाएगा.

उमेश सिन्हा की बातों से साफ जाहिर है ईवीएम से जुड़ी ये बातें फेक हैं. कंट्रोल यूनिट से ढेरों ईवीएम मशीनें ऑपरेट की जा सकती हैं, यानी कि एक निर्वाचन क्षेत्र से 385 नाम जोड़े जा सकते हैं, इसमें नोट भी शामिल है.

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