Fact Check: कितनी सच है NPR 2020 फॉर्म की वायरल तस्वीर?

इस फोटो के आधार पर सोशल मीडिया में NPR और NRC में समानता या इसे NRC की तरफ पहला कदम बताया जा रहा है.
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केंद्रीय कैबिनेट ने NPR 2020 (National Population Register 2020) बनाने को मंजूरी दे दी है. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसके ऊपर लिखा है “National Population Register 2020”. इस फॉर्म में ‘माता-पिता के जन्मस्थान’ के बारे में भी पूछा गया है. इस फोटो के आधार पर सोशल मीडिया में NPR और NRC में समानता या इसे NRC की तरफ पहला कदम बताया जा रहा है. लेकिन इस फोर्म को गृह मंत्रालय ने गलत बताते हुए कहा है कि NPR के लिए डेटा इकट्ठा करने का शेड्यूल अभी तैयार ही नहीं हुआ है.

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस फॉर्म की फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर की थी. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं, “एनपीआर जनसंख्या का रजिस्टर है, एनआरसी नागरिकों का रजिस्टर है” अगर ऐसा है तो यह पूछना प्रासंगिक है कि मेरे माता-पिता भारत में या विदेश में पैदा हुए थे? लाल घेरे में इस बॉक्स को देखें. एनपीआर में एनआरसी के तत्वों की डाला जा रहा है. एनपीआर एनआरसी का रॉ डेटा होगा.”

अंग्रेजी अखबार द हिंदू की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर जिस तस्वीर को NPR 2020 का फॉर्म बताया जा रहा है उस गृह मंत्रालय ने एक पूर्वपरीक्षण फॉर्म बताया है. अखबार से बात चीत में मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “इस साल सितंबर में एक ट्रायल स्टेज में डेटा इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किया गया था. इस “पूर्वपरीक्षण” फॉर्म में आधार नंबर, वोटर आईडी कार्ड नंबर, मोबाइल फोन नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर जैसे विवरणों के साथ “पिता और माता का जन्म स्थान, निवास स्थान अंतिम स्थान” जैसी कई जानकारियां मांगी गई थी.”

उन्होंने बताया कि हमने यह ट्रायल हमारे कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने और लोगों से उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए किया था. अगले साल होने वाली इस प्रक्रिया के लिए इस आधार पर ही हम अंतिम NPR फॉर्म की सामग्री तय करेंगे.

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