‘मुसोलिनी के फैन थे सोनिया गांधी के पिता, हिटलर की सेना संग लड़ी थी जंग’, बीजेपी सांसद का दावा कितना सच?

बीजेपी सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने कांग्रेस के भाजपा को 'फासीवादी' कहने पर जवाब दिया है.

कांग्रेस नेता अक्‍सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना हिटलर से करते हैं. बीजेपी सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने कांग्रेस के भाजपा को ‘फासीवादी’ कहने पर जवाब दिया है. उन्‍होंने अपने ट्वीट में कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के माता-पिता का प्रोफाइल सामने रखा है. स्‍वामी लिखते हैं, “कांग्रेस अध्‍यक्षा (सोन‍िया गांधी) हिटलर की सेना में रहे एक सैनिक की बेटी हैं और रूस में युद्धबंदी थे. बाद में, वह KGB (सोवियत रूस की खुफिया एजेंसी) से मिल गए. उनकी (सोनिया) मां मुसोलिनी की फासीवादी यूथ विंग में वॉलंटियर थीं.”

सुब्रमण्‍यम स्‍वामी लगातार सोनिया गांधी के संबंध में कई सनसनीखेज दावे करते रहे हैं. वह उन्‍हें एक ‘प्‍लांट’ की तरह देखते हैं. हालांकि उनके इस दावे में कितनी सच्‍चाई है, आइए जानते हैं.

मुसोलिनी के कट्टर समर्थक थे सोनिया गांधी के पिता

इटली के वेनेटो में 9 दिसंबर, 1946 को स्‍टेफनो माइनो और पाओला के घर बेटी का जन्‍म हुआ. उसका नाम रखा गया सोनिया. सोनिया और उनकी बड़ी बहन नादिया, दोनों का नाम स्‍टेफनो ने ही चुना. अपने अतीत की एक याद को संजोने के लिए.

दूसरे विश्‍व युद्ध के समय, स्‍टेफनो ने नार्जी जर्मनी का साथ देते हुए लड़ाई लड़ी.पूर्वी मोर्चे पर हुई उस जंग में हजारों इतालवी सैनिक मारे गए. यह पूरे विश्‍व युद्ध के दौरान इटली सेना पर हुआ सबसे खूनी आक्रमण था. सोवियत रूस में युद्धबंदी रहे स्‍टेफनो ने इस मिशन की याद में दोनों बड़ी बेटियों के नाम सोनिया और नादिया रखे.

कुछ कॉन्सिपिरेसी थियोरिस्‍ट्स के अनुसार, रूस की जेलों में रहने के दौरान स्‍टेफनो प्रो-सोवियत हो गए थे. यह भी दावा किया जाता है कि उन्‍होंने रिहा होने के बाद KGB की भी मदद की.

1998 में आउटलुक मैगजीन ने स्‍टेफनो माइनो का इंटरव्‍यू छापा. इस इंटरव्‍यू में उन्‍होंने खुद को बेनिटो मुसोलिनी का ‘तगड़ा समर्थक’ बताया था. वो ताउम्र इटली की नेशनल फासिस्‍ट पार्टी के समर्थन रहे. घर में मुसोलिनी के लेखों और भाषणों का भंडार था. साल 2015 में कांग्रेस के मुखपत्र ‘कांग्रेस दर्शन’ में एक लेख छपा. इसमें स्‍टेफनो को ‘फासीवादी’ बताया गया था.

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