Fact Check: क्या यूपी के बगीचे में पाए गए जामुनी आम?

मैसेज में लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश के खेतों में पक कर तयार यह जामुनी आम शुगर के मरीजों के लिए विशेष लाभप्रद होगा.’

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर जामुनी रंग के आमों की तस्वीर तेजी से वायरल हुई है. तस्वीर उत्तर प्रदेश की बताई जा रही है. जामुनी रंग के आम लोगों के लिए अजूबा ही हैं. दावा किया जा रहा है कि ये फल आम और जामुन के पौधों को मिलाकर बनाया गया है इसलिए इसका रंग जामुनी है.

इस तस्वीर को शेयर किए जाने के साथ एक मैसेज भी वायरल हो रहा है. मैसेज में लिखा है, ‘10 वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद आम और जामुन की पौध को मिलाकर बनाया गया जमुनी रंग का आम. उत्तर प्रदेश के खेतों में पक कर तयार यह जामुनी आम शुगर के मरीजों के लिए विशेष लाभप्रद होगा.’

इस फोटो को ट्विटर पर भी पोस्ट किया गया.

इतना ही नहीं ये तस्वीर 2016 में भी इसी मैसेज के साथ चर्चा में थी.

क्या है सच?

ये फोटो फेक नहीं है. जामुनी रंग के आमों का होना सच है. ये तस्वीर आम की दो अलग-अलग किस्मों की है, जिसे अमेरिका में विकसित किया गया. हालांकि इस फोटो को उत्तरप्रदेश का बताकर झूठी बात फैलाई जा रही है.

पहली तस्वीर ब्राजील के परनामबुको राज्य के फार्म की है. ये आम की ‘पामर’ किस्म है. ‘द टेलीग्राफ’ में पब्लिश आर्टिकल में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. एंड्रे वियेरा नामक शख्स ने ये तस्वीर क्लिक की थी.

Purple Mango harvested in UP, Fact Check: क्या यूपी के बगीचे में पाए गए जामुनी आम?

वहीं दूसरी तस्वीर 2001 से इंटरनेट पर अवेलेबल है. ब्राजील की एक नर्सरी वेबसाइट के अनुसार ये आम की ‘टॉमी एटकिन्स’ किस्म है.

Purple Mango harvested in UP, Fact Check: क्या यूपी के बगीचे में पाए गए जामुनी आम?

नतीजन ये बात साफ है कि जामुनी रंग के आमों की वायरल तस्वीर उत्तरप्रदेश तो क्या भारत के किसी राज्य की नहीं है.