‘खाने का धर्म नहीं होता’ बताने पर Zomato को मिली एक स्टार की रेटिंग

मंगलवार की रात अमित शुक्ला नाम के शख्स ने जोमैटो का स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए नॉन-हिंदू डिलिवरी बॉय से खाना लेने से मना किया था.

जोमैटो के ‘नॉन-हिंदू डिलिवरी बॉय’ विवाद के बाद उसके ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर बहुत से लोगों ने एक स्टार रेटिंग दी है. विवाद के बाद ऐप रिव्यू की भी बाढ़ आ गई. ट्विटर पर जोमैटो ने लिखा था कि ‘खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना खुद ही एक धर्म है.’ इसके जवाब में लोग एक स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे थे जिसमें कस्टमर ने हलाल मीट न मिलने की शिकायत की थी.

इसके जवाब में जोमैटो ने एक नोट ट्वीट किया था जिसमें लिखा था कि इसकी मांग लोगों ने पहले की थी इसीलिए वेबसाइट पर ये फीचर उपलब्ध कराया गया. आगे लिखा गया कि हम जानकारी देते हैं ताकि एक ग्राहक के तौर पर आपके सामने चॉइस रहे कि हलाल मीट चाहते हैं या नहीं. रेस्टोरेंट अपने कस्टमर्स के लिए जितनी वैरायटी रखते हैं उनकी चॉइस हम अपने यहां से उपलब्ध कराते हैं.

इसके बाद बहुत से लोगों ने प्ले स्टोर पर जाकर जोमैटो को एक स्टार रेटिंग और खराब रिव्यूज़ दिए. ढेर सारे लोगों ने जोमैटो अनइंस्टॉल करके उसका स्क्रीनशॉट शेयर किया.

ये सारी कवायद मंगलवार की रात शुरू हुई जब अमित शुक्ला नाम के शख्स ने ट्विटर पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया. साथ में लिखा कि ‘मैंने जोमैटो से खाना ऑर्डर किया, मुस्लिम डिलिवरी बॉय देखकर कैंसिल करने को बोल दिया क्योंकि सावन में किसी नॉन-हिंदू से खाना नहीं लेना था.’ इस पर जोमैटो ने उसे रिट्वीट करते हुए लिखा कि खाने का कोई धर्म नहीं होता. खाना खुद ही एक धर्म है.

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