गौतम गंभीर मुस्लिम युवक की पिटाई वाली घटना पर ट्वीट करके हो गए ट्रोल

गौतम गंभीर ने गुरुग्राम में मुस्लिम युवक की पिटाई और जबरदस्ती जय श्री राम कहलाने वाली घटना पर ट्वीट किया और ट्रोल हो गए. अब पुलिस की जांच में कुछ और ही निकलकर आया है.

26 मई को नए चुने गए बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने एक ट्वीट किया और उस पर बुरी तरह ट्रोल हो गए. सोशल मीडिया ट्रोल्स ही नहीं, बीजेपी नेताओं ने भी उस ट्वीट पर नाराजगी जताई. गुरुग्राम में मुस्लिम युवक की पिटाई को लेकर गंभीर ने ये ट्वीट किया था-

गुरुग्राम में मुस्लिम युवक को टोपी उतारने और जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए कहा गया. यह निंदनीय है. गुरुग्राम प्रशासन की तरफ से जरूरी कार्रवाई की जाए. हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं जहां जावेद अख्तर ‘ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे’ लिखते हैं और राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने दिल्ली-6 में ‘अर्जियां’ दिया है.

इस ट्वीट पर गौतम गंभीर की ट्रोलिंग शुरू हो गई. यहां तक कि बॉलीवुड से जुड़े लोग भी पीछे नहीं रहे. फिल्मकार अशोक पंडित ने ट्वीट किया –

क्योंकि चारों तरफ खान मार्केट और टुकड़े टुकड़े गैंग से घिरे हो जो तुम्हें सेक्युलरिज्म के मायाजाल में उलझा देंगे. छपास और दिखास को याद रखिएगा.

इसके बाद गौतम गंभीर ने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा कि सेक्युलरिज्म पर मेरा विचार पीएम मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र से आया है. मैं गुरुग्राम की घटना तक सीमित नहीं हूं, जाति धर्म पर हर भेदभाव के खिलाफ हूं.

बता दें कि शनिवार को गुरुग्राम में सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास एक मुस्लिम युवक की पिटाई का मामला सामने आया था. कहा गया कि उसकी टोपी फेंकी गई और जबरदस्ती जय श्री राम बुलवाया गया. लेकिन अब इस कहानी में नया मोड़ आ गया है. पुलिस की शुरुआती जांच में मुस्लिम युवक के आरोप निराधार मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता लगा है कि युवक को आरोपी ने नहीं किसी अन्य आदमी ने रोका था. फुटेज में न तो उसकी टोपी फेंकती दिख रही है न कपड़े फाड़ते देखा जा सका है. पुलिस के मुताबिक कहासुनी के बाद हाथापाई हुई जिसमें उसकी टोपी गिर गई.

पुलिस ने इसके लिए आस पास के 50 कैमरों की फुटेज खंगाली. अधिकारियों ने बताया कि मारपीट की छोटी सी घटना को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है.