सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को झटका, गुजरात में अलग-अलग होंगे राज्‍यसभा चुनाव

चुनाव आयोग ने राज्‍यसभा चुनाव के लिए 5 जुलाई का दिन तय किया है.

नई दिल्‍ली: गुजरात में दो सीटों पर राज्‍यसभा चुनाव अलग-अलग ही होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को झटका देते हुए उसकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. शीर्ष अदालत ने कहा कि रिट याचिका पर वह सुनवाई नहीं कर सकती. ऐसे प्रावधानों पर सुनवाई के लिए चुनाव याचिका दायर करनी होती है. अदालत ने कहा कि वह इस वक्‍त हस्‍तक्षेप नहीं कर सकती. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेशभाई धणानी ने यह याचिका लगाई थी.

चुनाव आयोग ने राज्‍यसभा चुनाव के लिए 5 जुलाई का दिन तय किया है. अमित शाह और स्‍मृति ईरानी को लोकसभा में चुने जाने से यह सीट खाली हुई थी. बीजेपी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक राज्‍यसभा सीट के लिए उम्‍मीदवार घोषित किया है.

मूल अधिकारों के हनन का था दावा

याचिका का विरोध करते हुए चुनाव आयोग के वकील ने कहा था, “यह पहली बार है कि अनुच्छेद 32 शीर्ष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति मूल अधिकारों के उल्लंघन होने पर सीधे न्यायालय के समक्ष जा सकता है.” सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा भी कि इसमें मूल अधिकारों का उल्‍लंघन कहां हुआ है.

अपनी याचिका में धणानी ने चुनाव आयोग द्वारा दो राज्यसभा सीटों के लिए अलग-अलग उपचुनाव कराने के निर्णय का विरोध किया था. याचिका के अनुसार, “गुजरात में दो राज्यसभा सीटों के लिए अलग-अलग चुनाव जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत जरूरी आनुपातिक प्रतिनिधित्व की योजना के लिए सही नहीं होगा.”

182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के 100 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 71 विधायक हैं. वहीं सात सीटें खाली हैं.

ये भी पढ़ें

गुजरात के मेहसाना में नाबालिग नहीं यूज़ कर पाएंगे मोबाइल