Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी
Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी

कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी

गुजरात सरकार ने जांच के आदेश दिए और मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने तीन दिनों के अंदर जांच अधिकारियों से रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा. इस मामले की जांच सूरत के एसीपी कर रहे हैं.
Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी

सूरत: गुजरात के सूरत में तक्षशिला आर्केड में शुक्रवार को लगी आग में अबतक 22 की मौत हो चुकी है और कई घायल भी हैं, जो कि अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.

इस घटना के सामने आने के बाद गुजरात सरकार ने जांच के आदेश दिए और मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने तीन दिनों के अंदर जांच अधिकारियों से रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा. इस मामले की जांच सूरत के एसीपी कर रहे हैं. साथ ही बिल्डिंग में गैर कानूनी तरीके से चलाए जा रहे कोचिंग सेंटर मालिक भार्गव भूटोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है. सूरत अग्निकांड में हर्षण वेकरिया, जिग्नेश और भार्गव भूटानी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. फिलहाल हर्षण वेकरिया और जिग्नेश फरार है, जिनके तलाश के लिए पुलिस जगह-जगह दाबिश दे रही है.

निकलने का केवल एक रास्ता

यह कोचिंग सेंटर बिना लाइसेंस के चलाया जा रहा था. कोचिंग सेंटर के नीचे वाले हिस्से में एक नर्सिंग होम भी था और ग्राउंड फ्लोर पर फूड कोर्ट और अन्य दुकाने थीं. इस बिल्डिंग का इंफ्रास्ट्रक्चर जिस तरह बनाया गया है, उसमें कहीं भी इमरजेंसी की सुविधा नहीं रखी गई.

इतनी बड़ी बिल्डिंग में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था. मात्र एक रास्ता होने के कारण बिल्डिंग से बच्चों और अन्य लोगों को निकलने में काफी दिक्कत हुई और जिसे जहां से जगह मिली वह वहीं बिल्डिंग से नीचे कूद गया.

कैसे लगी आग

ऐसा बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी. छत पर टायर रखे हुए थे, जिन्हें आग ने अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण आग और ज्यादा बेकाबू हो गई. बिल्डिंग में आग से बचने के कोई इंतजाम नहीं थे. वहां न तो फायर एक्सटिंग्युशर थे और न कोई अन्य उपकरण जिससे आग पर शुरुआत में ही काबू पाया जा सकता.

मलबे में दबे बच्चे

अभी भी कुछ बच्चों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. पूरी रात बच्चों के परिजन बदहवास हालत में अपने बच्चों को ढूंढते रहे. वहीं अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा है, जहां लोग अपने बच्चों को ढूंढ रहे हैं. इसके अलावा जो परिजन अपने बच्चों को खो चुके हैं उनका रो-रोकर बुरा हाल है.

प्रशासन की टूटी नींद

इस घटना के बाद प्रशासन की नींद खुली है. 22 की मौत के बाद जिला प्रशासन सख्ते में आया. शुक्रवार देर रात प्रशासन ने शहर में बिना लाइसेंस के चल रहीं कोचिंग क्लास को बंद कराने के निर्देश दिए हैं और साथ ही जिनके पास लाइसेंस हैं उनसे फायर इमरजेंसी के पुख्ता इंतजाम करने और फायर सेफ्टी एनओसी लेने के लिए कहा गया है.

वहीं इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अहमदाबाद में सभी कोचिंग सेंटर को एक महीने तक बंद करने का आदेश दिया गया है.

 

ये भी पढ़ें-      VIDEO: सूरत की तक्षशिला आर्केड बिल्डिंग में आग, 22 की मौत

  सूरत: खुद को जोखिम में डाल केतन ने बचाई आग में फंसे कई बच्चों की जान, वीडियो वायरल

Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी
Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी

Related Posts

Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी
Surat takshila Fire, कोचिंग सेंटर बना श्मशान, सूरत में 22 की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी