• Home  »  हेल्थ   »   दिल्ली: एम्स में लॉकडाउन के दौरान कार्डियक सर्जरी में आई 89.5 फीसदी की गिरावट

दिल्ली: एम्स में लॉकडाउन के दौरान कार्डियक सर्जरी में आई 89.5 फीसदी की गिरावट

आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में अप्रैल से जुलाई के बीच 411 कार्डियक सर्जरी (Cardiac Surgery) हुई थी, जबकि 2020 में केवल 43 सर्जरी हुई हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:20 am, Tue, 29 September 20
एम्स
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली

कोरोना लॉकडाउन (Lockdown) में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अप्रैल और जुलाई महीने के बीच कार्डियक सर्जरी (Cardiac Surgery) में 89.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. नेशनल ग्रांड राउंड के  एक डॉक्टर द्वारा यह डाटा शेयर किया गया है, जहां देश भर के डॉक्टर्स ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया थे. इस कॉन्फ्रेंस में कोविड-19 (Covid-19) को किस तरह से रोका जाए इस पर चर्चा हुई.

आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में अप्रैल से जुलाई के बीच 411 कार्डियक सर्जरी हुई थी, जबकि 2020 में केवल 43 सर्जरी हुई हैं. लॉकडाउन के दौरान अस्पताल ने मार्च महीने में ओपीडी (OPD) क्लीनिक बंद कर दिए थे और केवल आपातकालीन सर्जरी की जा रही थी. हालांकि आपातकालीन कार्डियक सर्जरी की संख्या में गिरावट देखी गई है. आंकड़ों के अनुसार पिछले साल समान अवधि में 58 सर्जरी की गई थी. हालांकि इस बार 35 सर्जरी हुई. सर्जरी की संख्या में 39.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.

ये भी पढ़ें- असम में साल की तीसरी बाढ़ से हालात खराब, मुश्किल में 13 जिलों के 3.18 लाख लोग

 देश में हार्ट अटैक और स्ट्रोक से सबसे ज्यादा मौतें

एम्स (AIIMS) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हृदय से जुड़ी बीमारियां कॉमरेडिटी बीमारियां हैं, जो कोविड-19 के खराब नतीजों की ओर ले जाता है.

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में कार्डियो-थोरैसिक और वैस्कुलर सर्जरी के वरिष्ठ डॉक्टर मुकेश गोयल ने कहा, “लॉकडाउन के दौरान और बाद में सभी अस्पतालों में मुख्य रूप से मरीजों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है. इसके दो कारण है पहला, कोविड-19 के डर के कारण लोग अस्पतालों से दूर रहना चाहते है और दूसरा दिल्ली के बाहर के लोग यात्रा करने में सक्षम नहीं है. मरीज बहुत जरूरी होने पर ही इलाज के अस्पताल आना चाहते है. “

देश में कार्डियो- वैस्कुलर बीमारियां जैसे हार्ट अटैक (Heart Attack) और स्ट्रोक से लोगों की सबसे ज्यादा मौत होती है. स्टेट लेवल बर्डन डिजीज की स्टडी के आंकड़ों के अनुसार 2016 में 28.1 प्रतिशत लोगों की मौत हुई हैं.