Covid-19 : मां के दूध से कोरोना का इलाज संभव, चीनी वैज्ञानिकों का दावा

चीन (China) के वैज्ञानिकों की एक स्टडी में दावा किया जा रहा है कि मां के दूध से कोरोना (Corona) का इलाज या बचाव संभव है. वैज्ञानिकों की एक टीम को एक टेस्ट में चौंकाने वाले रिजल्ट देखने को मिले हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:46 pm, Mon, 28 September 20
प्रतीकात्मक फोटो

चीन (China) के वैज्ञानिकों के नए अध्ययन में पाया गया है कि मां का दूध कोरोना वायरस (Corona virus) के इलाज या बचाव में सहायक साबित हो सकता है. बीजिंग (Beijing) की एक टेस्टिंग टीम ने कोविड-19 वायरस के संपर्क में आने वाली कोशिकाओं पर मां के दूध का टेस्ट किया.

कोरोना वायरस की शुरुआत से पहले 2017 में इकट्ठा किए गए दूध को पशुओं से लेकर इंसानों की फेफड़ों और आंतों की कोशिकाओं पर टेस्ट किया गया. टेस्ट में ज्यादातर जीवित वायरस दूध के संपर्क में आते ही मारे गए.

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बीजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर टोंग यिंगांग के नेतृत्व वाली टीम ने शुक्रवार को biorxiv.org वेबसाइट पर लिखा, ब्रेस्ट मिल्क वायरल अटैचमेंट, एंट्री और पोस्ट-एंट्री वायरल को रोक रहा था. इससे पहले स्तनपान को संक्रमण फैलने के खतरे के रूप में देखा जा रहा था.

US सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने दी थी चेतावनी

चीन की मीडिया ने फरवरी में जानकारी देते हुए बताया था कि वुहान में, जहां पहली बार इस वायरस का पता चला था, नवजात बच्चों को उनकी कोरोना पॉजिटिव मां से दूर रखा जा है और फॉर्मूले के माध्यम से उन्हें खिलाया जाता है. यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने चेतावनी देते हुए कहा था कि वायरस के लक्षणों वाली या कोविड पॉजिटिव मां, जो नवजात बच्चों को स्तनपान करा रहीं हैं, उन्हें भी संक्रमण वाहक के रूप में देखा जाना चाहिए.

WHO ने पहले ही किया था दावा

हाल ही में सामने आए इस अध्ययन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें कहा गया था कि कोविड-19 होने पर भी मां को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए. जून में WHO ने अलग-अलग देशों में 46 मामलों को ट्रैक किया, जिसमें कोविड पॉजिटिव मां बच्चों को स्तनपान करवा रहीं थीं.

तीन मामले ऐसे सामने आए, जिसमें मां के दूध में वायरल के जीन मिले लेकिन संक्रमण का कोई सबूत नहीं मिला. सिर्फ एक बच्चे का टेस्ट पॉजिटिव आया, जिसमें दूसरे माध्यमों से संक्रमण को खारिज नहीं किया जा सकता.

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