संविधान सभा की बैठक का मुस्लिम लीग ने किया था बायकॉट, यूं तैयार हुआ सबसे बड़ा लिखित संविधान

संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे. इस काम में लगभग 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुए. संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई.

National Constitution Day 2019: देश आज (मंगलवार) अपना 70वां संविधान दिवस मना रहा है. हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र राष्ट्र बना था लेकिन तब हमारा कोई संविधान नहीं था. 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान बना और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया.

चूंकि 26 नवंबर 1949 को संविधान बना था इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय विधि दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. भारत ने 26 नवंबर 2015 को अपना पहला संविधान दिवस मनाया था.

क्या है संविधान?
संविधान मतलब अंतिम कानून. जितने भी संवैधानिक संस्थान हैं उनका काम संविधान द्वारा निर्धारित नीतियों पर काम करना और इसमें दिए गए अधिकारों को सुनिश्चित करना है. इसमें 395 आर्टिकल और 12 अनुसूचियां हैं. हमारा संविधान दुनिया का सबसे लंबा संविधान है.

देश में संविधान बनाने की ज़रूरत क्यों महसूस हुई

15 अगस्त 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ था. लेकिन आज़ादी से पहले ही इस बात पर चर्चा शुरू हो गई थी कि आज़ादी के बाद देश कैसे चलेगा. भारत देश के अंदर कौन सा क़ानून होगा जो सभी पंथ के लोगों पर एक बराबर लागू हो सकेगा.

जुलाई, 1946 ई० में संविधान सभा का चुनाव हुआ. इस दौरान कुल 389 सदस्यों में से प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के लिय चुनाव हुए. इसमें कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 स्थान एवं 15 अन्य दलों के तथा स्वतंत्र उम्‍मीदवार निर्वाचित हुए.

9 दिसंबर, 1946 ई० को संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई. सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्‍यक्ष चुना गया. मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिष्‍कार किया और पाकिस्तान के लिए अलग संविधान सभा की मांग की.

डॉ भीमराव अम्बेडकर प्रारूप समिति के बने अध्यक्ष

संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसंबर, 1946 ई. को जवाहर लाल नेहरू द्वारा पेश किए गए उद्देश्य प्रस्‍ताव के साथ प्रारम्भ हुई. 29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा ने एक संकल्प पारित करके प्रारूप समिति का गठन किया. डॉ भीमराव अम्बेडकर को अध्यक्ष चुना गया.

वहीं प्रारूप समिति में कुल सात सदस्य थे- डॉ. भीमराव अम्बेडकर (अध्यक्ष), एन. गोपाल स्वामी आयंगर, अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर, सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव (बी.एल. मित्र के स्थान पर), कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी और डी. पी. खेतान. हालांकि 1948 ई. में डी. पी. खेतान की मृत्यु के बाद टी. टी. कृष्माचारी को सदस्य बनाया गया.

संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कितना समय लगा

संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे. इस काम में लगभग 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुए. संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई.

संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी, 1950 को हुई और उसी दिन संविधान सभा द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया.

संविधान तैयार होने के बाद यह विश्व का सबसे बड़ा संविधान बना, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं. यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं.

संविधान सभा में कुल 15 महिलाओं ने भाग लिया. तथा 8 महिलाओं ने संविधान पर हस्ताक्षर किए.

संविधान सभा द्वारा संविधान के कुल 3 वाचन सम्पन्न किए गए. अन्तिम वाचन 17 नवम्बर 1949 से 26 नवम्बर 1949 तक हुए. कुल बैठकें 105 तथा 12 अधिवेशन सम्पन्न किए गए. भारत विभाजन से पहले  4 अधिवेशन सम्पन्न हुए.

संविधान में कितनी बार हुआ संशोधन

पिछले 70 सालों में संविधान में 103 बार संशोधन किये गए हैं. संविधान में पहला संशोधन 1951 में अस्थायी संसद ने पारित किया था. उस समय राज्यसभा नहीं थी. इसके बाद से अब तक 103 संशोधन किये जा चुके हैं.

पहले संशोधन के तहत राज्यों को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों या अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठाने का अधिकार दिया गया था.

संविधान में किया गया अंतिम 103वां संशोधन 2019 में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को शैक्षणिक संस्थानों और नियुक्तियों में 10 फीसदी आरक्षण देने से संबंधित था.

सुप्रीम कोर्ट ने केवल 99वें संविधान संशोधन को असंवैधानिक करार दिया है. यह संशोधन राष्ट्रीय न्यायिक आयोग के गठन के संबंध में था.

कब क्या-क्या हुआ ?

26 नवंबर, 1949 को संविधान अंगीकृत किया गया था.
26 नवंबर, 2019 को देश 70वां संविधान दिवस मनाएगा.
11 अक्तूबर, 2015 को 26 नवंबर राष्ट्रीय संविधान दिवस घोषित हुआ.
1951 में पहला संशोधन अस्थायी संसद ने पारित किया था.
2019 में अंतिम 103वां संशोधन पारित हुआ।.
103 संशोधन किए गए 70 साल में संविधान में.
99वें संविधान संशोधन को असंवैधानिक करार दिया है.
107 संविधान संशोधन विधेयक पारित किए राज्यसभा ने.
01 विधेयक लोकसभा ने अमान्य कर दिया.
लोकसभा ने 106 संविधान संशोधन विधेयक पारित किए हैं.
राज्यसभा ने 03 विधेयकों को अमान्य कर दिया.