क्वीलिन हादसे से यूक्रेन के यात्री विमान पर अटैक तक, पढ़ें- कब और कहां हो चुका है ऐसा बड़ा हमला

इससे पहले अमेरिका ने भी 1980 के दशक के आखिरी वर्षों में ईरान के एक यात्री विमान को मार गिराया था. आइए, साल 1938 से लेकर अभी तक के यात्री विमान को मार गिराने की 8 बड़ी घटनाओं के बारे में जानते हैं.

तेहरान से कीव जा रही यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट PS752 को 8 जनवरी के दिन उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद ही ईरानी मिसाइल ने मार गिराया था. ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल हमले के एक घंटे के बाद प्लेन क्रैश हो गया था. इसमें सवार सभी 176 यात्री मारे गए थे. यात्री विमान को मार गिराए जाने को लेकर अब ईरान ने अपनी गलती मान ली है.

ईरानी सेना ने शनिवार को कहा कि उसने गलती से यूक्रेन के विमान पर मिसाइल हमला किया, जिसकी वजह से प्लेन क्रैश हो गया. ईरान के विदेश मंत्री जावेद शरीफ ने मारे गए लोगों के परिजनों से माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की वजह से पैदा हुए संकट के समय हुई मानवीय भूल से तबाही हो गई.

इससे पहले अमेरिका ने भी 1980 के दशक के आखिरी वर्षों में ईरान के एक यात्री विमान को मार गिराया था. आइए, साल 1938 से लेकर अभी तक के यात्री विमान को मार गिराने की 8 बड़ी घटनाओं के बारे में जानते हैं.

17 जुलाई, 2014 – एमएच 17

एम्स्टर्डम से कुआलालंपुर जा रहे मलयेशिया एयरलाइंस का विमान एमएच-17 को पूर्वी यूक्रेन के ऊपर से उड़ने के दौरान सोवियत में बने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ने निशाना बना लिया था. इस हमले में विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए थे. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले से जुड़े आरोपों को खारिज किया था. वहीं अंतरराष्ट्रीय जांच में पाया गया कि रूसी अलगाववादियों ने हमला किया था, जब पायलट की गलती से विमान गलत सीमा क्षेत्र में घुस गया था.

4 अक्टूबर, 2001 – साइबेरिया एयरलाइंस फ्लाइट 1812

4 अक्तूबर, 2001 को साइबेरिया का विमान इजरायल के तेल अवीव से रूस के लिए रवाना हुआ था. रूस के नोवोसिबिर्स्क के लिए उड़ान भरने वाले साइबेरियन एयरलाइंस के इस विमान को मार गिराया गया था. हादसे के बाद विमान काला सागर में गिर गया था. हमले में विमान में सवार सभी 66 यात्री और 12 क्रू सदस्य यानी 78 लोग मारे गए थे. क्रीमिया कोस्ट से सिर्फ 300 किलोमीटर दूर उड़ान के दौरान विमान पर हमला हुआ था.

जांच में पता चला कि रूस के समर्थन वाले यूक्रेन के विद्रोहियों ने यह मिसाइल हमला किया. वहीं एक हफ्ते बाद यूक्रेन ने माना कि सेना के युद्धाभ्यास के दौरान गलती से उन्होंने विमान को निशाना बना लिया. बाद में यूक्रेन सरकार ने सभी को हर्जाना दिया था.

3 जुलाई 1988 – ईरान एयर फ्लाइट 655

ईरान एयर फ्लाइट 655 एयरबस ए300 यात्री विमान था. 3 जुलाई 1988 को इसने ईरान से दुबई के लिए उड़ान भरी थी. फारस की खाड़ी के ऊपर अमेरिकी मिसाइल के हमले ने उसे मार गिराया. यूएस के वॉरशिप वेसैंसिंस से मिसाइल दागी गई थी. इस मिसाइल हमले में प्लेन क्रैश हो गया और इसमें सवार सभी 290 लोग मारे गए थे. इनमें 66 बच्चे भी शामिल थे. वह इराक युद्ध का दौर था. पूरे इलाके में तनाव चरम पर था.

History of Civilian Planes Shot Down, क्वीलिन हादसे से यूक्रेन के यात्री विमान पर अटैक तक, पढ़ें- कब और कहां हो चुका है ऐसा बड़ा हमला
प्रतीकात्मक तस्वीर

1 सितंबर, 1983 – दक्षिण कोरियन फ्लाइट 007

दक्षिण कोरिया का यात्री विमान बोइंग 747 केएएल 007 को सोवियत संघ के लड़ाकू विमान ने 1 सितंबर, 1983 को मार गिराया था. कोरियन एयरलाइंस का ये विमान न्यूयॉर्क से सियोल जा रहा था. इस हादसे में 269 यात्रियों समेत सभी क्रू मेंबर्स मारे गए थे. इनमें अमेरिकी सांसद लैरी मैक्डोनाल्ड भी शामिल थे. सोवियत संघ ने पहले इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया. घटना के पांच दिन बाद सोवियत नेताओं ने विमान को मार गिराने की बाद मान ली थी.

27 जून, 1980 – इताविया फ्लाइट 870

इतालवी एयरलाइंस इटाविया के फ्लाइट 870 यात्री विमान को उस्टिका आइलैंड के पास आधी रात को मिसाइल हमला कर मार गिराया गया था. इसे उस्टिका हमला के नाम से भी जानते हैं. ये विमान बोलग्ना से पालेर्मो जा रहा था. हमले में विमान में सवार सभी 81 लोग मारे गए थे. विमान इटली के बोलग्ना के लिए अपने रूटीन ट्रीप के आखिरी दौर में था.

दो ईंजन वाले मैकडोनल डगलस डीसी-9 विमान पर मिसाइल कहां से चलाया गया था इसको लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है. अनुमान ये लगाया जाता है कि विमान पर अमेरिका या फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने गलती से हमला किया था. हालांकि वाशिंगटन इस बात को नकारता रहा और फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने इस टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था.

12 फरवरी, 1979 – एयर रोडेशिया फ्लाइट 827

रोडेशिया ( अब जिम्बॉबे ) के उग्रवादी ताकतों ने करीबा जा रहे अपने देश के ही दो यात्री विमानों को उड़ान भरने के पांच मिनट के अंदर ही मार गिराया था. दोनों ही विमानों को गिराने के लिए सोवियत में बने स्ट्रेला मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था. इन दोनों हमले में 100 से ज्यादा यात्रियों की मौत हो गई थी.

21 फरवरी, 1973 – लीबियन अरब एयरलाइंस फ्लाइट 114

लीबियन अरब एयरलाइंस के विमान बोइंग 727-200 ने 21 फरवरी, 1973 को त्रिपोली से बेंगाजी के रास्ते काहिरा के लिए उड़ान भरी थी.न इजरायल के लड़ाकू विमान ने इसे सिनाई रेगिस्तान के ऊपर मार गिराया था. विमान में सवार 113 में से सिर्फ पांच यात्री ही बच पाए थे. इजरायल के अधिकारियों के मुताबिक उसके अधिकार क्षेत्र वाले स्वेज केनाल के ऊपर उड़ रहे विमान को पहले उतारने की चेतावनी दी गई थी. विमान की जब लैंडिंग नहीं हुई, तो इस पर हमला किया गया था. क्योंकि सिनाई रेगिस्तान में इजरायल का संवेदनशील मिलिट्री बेस था.

24 अगस्त, 1938 – द क्वीलिन अटैक

24 अगस्त, 1938 को दूसरे चीन-जापान युद्ध के दौरान पहली बार किसी यात्री विमान को निशाना बनाया गया था. चीन और अमेरिका के साझा डीसी-2 जिसे क्वीलिन नाम से जाना जाता है के हांगकांग से चुंगकिंग के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पांच जापानी मिलिट्री प्लेन ने मार गिराया था. इस हमले में 14 लोग मारे गए थे. इनमें से ज्यादातर के शरीर पर मशीन गन से निकली गोली के निशान थे. हांलाकि इस हमले में अमेरिकी पायलट की जान बच गई थी.

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