जब फील्ड मार्शल करियप्पा ने पाकिस्तान से कहा था- मेरे बेटे को रिहा मत करना, पढ़ें- क्या था मामला

आजाद भारत का पहला सेना प्रमुख होने के अलावा करियप्पा (KM Cariappa) इंडियन आर्मी (Indian Army) के पहले फाइव स्टार रैंक अफसर थे. उनके अलावा अभी तक सिर्फ जनरल मॉनेकशॉ को ही ये रैंक हासिल हुई है.
KM Cariappa Death Anniversary, जब फील्ड मार्शल करियप्पा ने पाकिस्तान से कहा था- मेरे बेटे को रिहा मत करना, पढ़ें- क्या था मामला

भारतीय-ब्रिटिश फोज की राजपूत रेजीमेंट में सेकेंड लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्ति के साथ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने अपनी नौकरी की शुरुआत की थी. 15 जनवरी, 1949 में उन्हें सेना प्रमुख बनाया गया था और इसी दिन को हर साल देश में सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है. करियप्पा ने 30 साल सेना में रहकर देश की सेवा की. 1953 में रिटायर होने के बाद भी उन्होंने किसी न किसी रूप में भारतीय सेना में अपना योगदान दिया.

आजाद भारत का पहला सेना प्रमुख होने के अलावा करियप्पा इंडियन आर्मी के पहले फाइव स्टार रैंक अफसर थे. उनके अलावा अभी तक सिर्फ जनरल मॉनेकशॉ को ही ये रैंक हासिल हुई है. 15 मई, 1993 में आज ही के दिन करियप्पा का निधन हो गया था. चलिए करियप्पा की याद में जानते हैं उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा जब उनके बेटे केसी करियप्पा पाकिस्तानी की हिरासत में थे.

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1965, भारत-पाक युद्ध का आखिरी दिन

यह 1965 के भारत-पाक युद्ध का आखिरी दिन था. 36 वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर केसी करियप्पा, एएस सहगल और कुक्के सुरेश को पाकिस्तानी ठिकानों पर बमबारी करने के आदेश दिए गए थे. तीनों ने बमबारी करने के लिए जैसे ही पहला चक्कर लगाया, पाकिस्तानी सैनिकों ने एंटी एयरक्राफ्ट गन से एएस सहगल के विमान पर हमला कर दिया. पर गनीमत रही कि इस हमले में एएस सहगल को कुछ नहीं हुआ था, लेकिन उन्हें मिशन को छोड़कर वापस बेस कैंप पर जाना पड़ा.

KM Cariappa Death Anniversary, जब फील्ड मार्शल करियप्पा ने पाकिस्तान से कहा था- मेरे बेटे को रिहा मत करना, पढ़ें- क्या था मामला

सहगल के जाने के बाद करियप्पा और कुक्के पाकिस्तानी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से डटे हुए थे. करियप्पा एक के बाद एक दुश्मन के ठिकानों को तहस-नहस करने में जुटे हुए हैं. इसी बीच करियप्पा का विमान लगातार पाकिस्तानी सैनियों द्वारा दागी जाने वाली गोलियों का शिकार हो गया. विमान से आग की लपटे निकलने लगी थीं. कु्क्के ने करियप्पा का इंजेक्ट का बटन दबाने को कहा.

विमान के ब्लास्ट होने से पहले करियप्पा ने इंजेक्ट का बटन दबाया. करियप्पा के इंजेक्ट का बटन दबाने के बाद उनका विमान आग के गोले की तरह भारतीय इलाके में जा गिरा, लेकिन करियप्पा जिस जगह गिरे वह पाकिस्तान का हिस्सा था. करियप्पा की रीढ़ में काफी चोट भी आई थीं. इसी बीच पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें घेर लिया और हिरासत में ले लिया.

हिरासत के दौरान करियप्पा से पाकिस्तानी सैनिकों ने पूछा कि क्या आपका संबंध फील्ड मार्शल करियप्पा से है? करियप्पा ने अपनी सारी डिटेल पाकिस्तानी अधिकारियों को दी. इसका पता जैसे ही पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खां को पता चला तो उन्होंने तुरंत रेडियो पाकिस्तान के जरिए करियप्पा के उनकी हिरासत में होने की घोषणा करवाई. अयूब खां बंटवारे से पहले फील्ड मार्शल करियप्पा के अंडर काम कर चुके थे और उनका बहुत सम्मान भी करते थे.

KM Cariappa Death Anniversary, जब फील्ड मार्शल करियप्पा ने पाकिस्तान से कहा था- मेरे बेटे को रिहा मत करना, पढ़ें- क्या था मामला

फील्ड मार्शल करियप्पा ने कहा- बेटे के साथ हो युद्धबंदियों जैसा बर्ताव

अयूब ने भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त के जरिए फील्ड मार्शल करियप्पा तक सूचना पहुंचवाई कि अगर वे चाहते हैं तो पाकिस्तान उनके बेटे केसी करियप्पा को छोड़ने के लिए तैयार है. पर करियप्पा अपने उसूलों के पक्के थे. उन्होंने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को बहुत ही विनम्रता के साथ अस्वीकार कर दिया.

उन्होंने उस समय कहा था कि नंदू उर्फ केसी करियप्पा मेरा नहीं बल्कि इस देश का बेटा है. जैसा दूसरे युद्धबंदियों के साथ बर्ताव किया जाता है वैसे ही उसके साथ भी किया जाए. अगर उसे छोड़ना चाहते हैं तो सभी युद्धबंदियों को छोड़ना होगा, क्योंकि सभी युद्धबंदी मेरे बेटे हैं.

इसके बाद कई दिनों तक केसी करियप्पा पाकिस्तानी की गिरफ्त में रहे. चार महीने बाद एक दिन उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और उन्हें पेशावर लेकर गए. यहां से उन्हें एक विमान में बैठा दिया गया, जो कि भारत यात्रा पर मौजूद पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल मूसा को लेने दिल्ली जा रहा था.

KM Cariappa Death Anniversary, जब फील्ड मार्शल करियप्पा ने पाकिस्तान से कहा था- मेरे बेटे को रिहा मत करना, पढ़ें- क्या था मामला

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