ज़िंदगी भर जितना चले बापू उतने में पृथ्वी के लग सकते हैं दो चक्कर, पढ़ें- सेहत से जुड़ी नई जानकारियां

महात्मा गांधी सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में भी बेहद दिलचस्पी रखते थे. ऐसे में पहली बार खुद उनकी सेहत से जुड़ी कई नई जानकारियों का खुलासा हो रहा है.

पहली बार महात्मा गांधी की सेहत से जुड़ी कई फाइलें सार्वजनिक हुई हैं. इन फाइलों से नई जानकारियां मिली हैं. मसलन 1939 में उनका वज़न 46.7 किलो था. उनका कद 5 फीट 5 इंच था. वो उच्च रक्तचाप यानि हाई ब्लड प्रेशर के शिकार थे.

1925, 1936, 1944 में गांधी मलेरिया से भी पीड़ित रहे. साल 1919 में उन्होंने बवासीर का ऑपरेशन करवाया और 1924 में एपेंडिसाइटिस का ऑपरेशन हुआ. लंदन प्रवास के दौरान वो प्लूरेसी से भी पीड़ित थे जो फेफड़े का एक बैक्टीरियल संक्रमण है.

ये तमाम जानकारियां पहली बार सार्वजनिक हो रही हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IJMR) में 166 पन्नों के स्पेशल एडिशन में बापू की सेहत का ब्यौरा प्रकाशित हुआ है.

इसी एडिशन से पता चलता है कि गांधी रोज 18 किलोमीटर चलते थे. साल 1913 से 1948 के बीच कई आंदोलनों और जनसंपर्क के दौरान वो 79 हजार किलोमीटर चले. आसान भाषा में कहें तो इतना चलने पर आप पृथ्वी के दो बार चक्कर लगा सकते हैं.

डांडी में समुद्र किनारे अपने पोते कनु के साथ बापू (मार्च-अप्रैल 1930)

गांधी प्राकृतिक चिकित्सा के हामी थे. अपने शरीर पर लगातार प्रयोग करते थे. फिटनेस को लेकर सतर्क थे. महात्मा गांधी ने हमेशा संतुलित आहार पर ज़ोर दिया. चाय, कॉफी, तंबाकू, शराब और किसी तरह के ड्रग्स का उन्होंने हमेशा ही विरोध किया.

बापू से जुड़ी इनमें से कुछ जानकारियां तो लोगों के पास पहले भी थीं लेकिन उनके स्वास्थ्य की जानकारी देनेवाले एडिशन में भी सब विस्तार से छापा गया है.