नेशनल म्यूजियम में नॉनवेज पर रोक: क्या सिंधु घाटी सभ्यता में शाकाहारी थे लोग?

म्यूजियम 25 फरवरी तक ‘Historical Gastronomica’ यानी ऐतिहासिक पकवानों का कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है. कार्यक्रम में सिंधु घाटी सभ्यता के खान पान का अनुभव दिलाने के लिए विशेष मेन्यू बनाया गया है.
What did the Harappa people eat?, नेशनल म्यूजियम में नॉनवेज पर रोक: क्या सिंधु घाटी सभ्यता में शाकाहारी थे लोग?

दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में नॉनवेज खाने की एंट्री बंद कर दी गई है. वहां देवी देवताओं की प्राचीन मूर्तियां और गौतम बुद्ध के अवशेष होने का हवाला देते हुए नॉनवेज बैन किया गया है. नॉनवेज के आउट होते ही बहस की एंट्री हो गई है.

म्यूजियम 25 फरवरी तक ‘Historical Gastronomica’ यानी ऐतिहासिक पकवानों का कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है. कार्यक्रम में सिंधु घाटी सभ्यता के खान पान का अनुभव दिलाने के लिए विशेष मेन्यू बनाया गया है. इसमें खाने के लिए उन चीजों को शामिल किया जाएगा जो पुरातत्वविदों के मुताबिक सिंधु घाटी सभ्यता में खाने के लिए इस्तेमाल की जाती थी.

यही बहस की जड़ है कि क्या सिंधु घाटी सभ्यता में सिर्फ शाकाहारी खाना खाया जाता था?

सिंधु घाटी सभ्यता (3300 से 1300 ईसा पूर्व) के पुरातात्विक सबूतों को देखा जाए तो ऐसा नहीं लगता कि उस समय लोग सिर्फ शाकाहारी खाना खाते थे. फूड हिस्टोरियन केटी अचाया ने अपनी किताब Indian Food: A Historical Companion में लिखा है कि सिंधु घाटी सभ्यता से जिस मात्रा में हड्डियां मिली हैं उन्हें देखकर लगता है कि जानवरों का मांस भी खाया जाता था. बीफ, मटन, कछुए, घड़ियाल और समुद्री जीवों को खाने के सबूत मिले हैं.

क्या खाते थे हड़प्पा सभ्यता के लोग

पुरातत्वविदों के मुताबिक सिंधु घाटी सभ्यता में लोग कई तरह के अनाज और दालों का सेवन भी करते थे. मटर, चना, अरहर, मूंग आदि की खेती होने के सबूत भी मिले हैं. हड़प्पा में कई प्रकार के गेहूं भी मिले हैं और इसके अलावा धान वगैरह की खेती के भी पुरातात्विक अवशेष मिले हैं. अचाया ने उस जमाने में तिल, अलसी, और सरसों जैसी फसलों की खेती होने की बात भी कही है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक One Station Million Stories (OSMS) यह आयोजन म्यूजियम में करा रहा है. इसके मेन्यू में हड़प्पा कालीन भोजन का अहसास दिलाने के लिए बाजरे की रोटी, जौ और मसूर की डिशेज, जौ का केक, पालक के पत्तों का सूप, चना और मूंग, गुड़ के लड्डू और जौ से बनी ड्रिंक्स को शामिल किया गया है. इनके अलावा चना और काली मिर्च की चटनी, खीरे का अचार आदि भी रहेंगे.

सिंधु घाटी सभ्यता के खाने का अनुभव कराने के लिए उपलब्ध कराए जा रहे इस मेन्यू से भारतीय लोग परिचित होंगे. इसके अलावा आलू, टमाटर, मिर्च, चीज़ और सेब आदि दुनिया के कई देशों से भारत आए हैं. हड़प्पा सभ्यता के समय भारतीयों को आलू या टमाटर का जरा भी अंदाजा नहीं था, जो कि आज हर सब्जी में इस्तेमाल किया जाता है.

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