40 वर्षों से एक डायरी रखते थे प्रणब मुखर्जी, जानिए उनके बारे में 10 खास बातें

प्रणब मुखर्जी (pranab mukherjee) देश की राजनीति में एक ऐसी शख्सियत थे जो पार्टी लाइन से इतर सभी दलों में सर्वमान्य माने जाते थे. जानते हैं उनके बारे में 10 खास बातें…

  • TV9.com
  • Publish Date - 6:59 pm, Mon, 31 August 20

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (pranab mukherjee) अब हमारे बीच नहीं रहे. उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी (Abhijit Mukherjee) ने ट्वीट कर यह जानकारी दी. प्रणब मुखर्जी (pranab mukherjee) देश की राजनीति में एक ऐसी शख्सियत थे जो पार्टी लाइन से इतर सभी दलों में सर्वमान्य माने जाते थे. जानते हैं उनके बारे में 10 खास बातें…

  1. कम ही लोग जानते हैं कि राजनेता होने के साथ ही प्रणब मुखर्जी कभी प्रोफेसर भी थे. उन्होंने 1963 में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, विद्यानगर कॉलेज में राजनीति विज्ञान पढ़ाया.
  2. उन्होंने एक स्थानीय बंगाली अखबार के साथ पत्रकार के रूप में भी काम किया था, जिसका नाम देसर डाक था.
  3. प्रणब मुखर्जी को 1969 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी राजनीति में लाईं, उन्होंने ही मुखर्जी को राज्यसभा में सदस्य बनने के लिए सलाह दी.
  4. पूर्व राष्ट्रपति को कर्तव्यनिष्ठ राजनेता के तौर पर जाना जाता था, उनकी बेटी शर्मिष्ठा के अनुसार  वह दुर्गा पूजा के दौरान अपने गृह नगर मिरती में 18 घंटे तक काम करते थे, और शाहद ही कभी छुट्टी लेते थे.
  5. मुखर्जी को भारत का सबसे बहुमुखी प्रतिभा का राजनेता भी कहा जाता है. वह चार प्रमुख मंत्रालयों, रक्षा, वाणिज्य, विदेशी और वित्त को संभालने वाले एकमात्र मंत्री रहे.
  6. 1984 में मुखर्जी को यूरोमनी पत्रिका द्वारा विश्व के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री बताया गया. वह सात बजट पेश करने वाले एकमात्र वित्त मंत्री रहे.
  7. इंदिरा गांधी के निधन के बाद, मुखर्जी ने कांग्रेस छोड़ दी और अपनी राजनीतिक पार्टी, राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी बनाई.
  8. उन्हें पिछले 40 वर्षों से एक डायरी रखने के लिए जाना जाता था. अब उनकी मर्जी के मुताबिक उनके लेखन को मरणोपरांत प्रकाशित किया जाएगा.
  9. उन्होंने पूर्व-उदारीकरण और उदारीकरण के दोनों समय मेंं वित्तमंत्री के तौर पर सेवाएं दी.
  10. भारत के 13 वें राष्ट्रपति के रूप में अपनी नियुक्ति के बाद मुखर्जी ने अफजल गुरु और कसाब सहित सात दया याचिकाओं को खारिज किया.
  11. प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति रहते हुए 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों को भारत के राजनीतिक इतिहास के बारे में पढ़ाया, मुखर्जी ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में एक सरकारी स्कूल के माध्यमिक छात्रों को भी पढ़ाया.