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15 राजनीतिक दलों ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र, कृषि विधेयकों को वापस लौटाने की अपील

विपक्षी दलों ने अपने पत्र में लिखा, ”जिद और अहंकार की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है.” शिवसेना (Shiv Sena), NCP और TRS ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:59 pm, Mon, 21 September 20
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संसद (Parliament) से कृषि विधेयक (Agriculture Bills) पारित होने के बाद अब 15 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति से कृषि विधेयकों पर हस्थाक्षर न करने और उन्हें वापस करने की अपील की है.

विपक्षी दलों ने अपने पत्र में लिखा, ”जिद और अहंकार की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है.” शिवसेना, एनसीपी और टीआरएस ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.

मालूम हो कि इससे पहले बीजेपी का सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि वे ‘किसान विरोधी’ विधेयकों पर हस्ताक्षर न करें जो राज्यसभा में बलपूर्वक पारित किए गए हैं. अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, “हमने उनसे संसद में बिल वापस भेजने का अनुरोध किया है.”

वहीं किसान बिल पर राज्यसभा में हंगामा, तोड़फोड़ और असंसदीय आचरण के आरोप में विपक्षी दलों के 8 सांसदों का निलंबन हुआ. ये सभी सांसद अब अपने निलंबन के विरोध में संसद परिसर में गांधी मूर्ति के सामने धरने पर बैठे हैं.

दरअसल इस मामले पर सोमवार को बीजेपी सांसदों की शिकायत के बाद सभापति ने डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, के के रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, नसीर हुसैन और एलमरन करीम को सभापति वैंकेया नायडू ने एक हफ्ते के लिए राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया था.