बजट में आपके लिए क्या सस्ता-क्या महंगा, पढ़िए ये खबर

वित्त मंत्री ने प्रदूषण से राहत के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज में राहत देने की घोषणा की है.

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में अपना पहला बजट भाषण दिया और साल 2019-20 का आम बजट पेश किया. पूरे बजट में टैक्स पेयर्स को सबसे ज्यादा निराशा मिली.

कारोबार से जुड़े लोगों के लिए पेंशन की घोषणा की गई है. इसके अलावा वित्त मंत्री ने प्रदूषण से राहत के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज में राहत देने की घोषणा की है. इन सभी के बीच बजट के बाद कुछ चीजें महंगी हुईं तो कुछ चीजें सस्ती हुईं हैं.

ये सामान हुए महंगे

ऑप्टिकल फाइबर, स्‍टेनलेस उत्‍पाद, मूल धातु के फिटिंग्स, फ्रेम और सामान, एसी, लाउडस्‍पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, सीसीटीवी कैमरा, वाहन के हॉर्न, सिगरेट आदि महंगे हुए हैं.

ये सामान हुए सस्ते

साबुन, शैंपू, बालों का तेल, टूथपेस्‍ट, डेटरजेंट, बिजली का घरेलू सामान जैसे पंखे, लैम्‍प, ब्रीफ केस, यात्री बैग, सेनिटरी वेयर, बोतल, कंटेनर, रसोई में प्रयुक्‍त सामान जैसे बर्तन, गद्दा, बिस्‍तर, चश्‍मों के फ्रेम, बांस का फर्नीचर, पास्‍ता, मयोनेज, धूपबत्‍ती, नमकीन, सूखा नारियल, सैनिटरी नैपकिन. ऊन और ऊनी धागे सस्‍ते हुए हैं.

PTI
  •  पेट्रोल-डीजल, सोना, काजू महंगे होंगे. अभी ये कारें चलन में नहीं हैं लेकिन दाम कम होने से इन कारों का इस्‍तेमाल अधिक होगा.
  • बजट के बाद इलेक्ट्रिक कारें सस्‍ती हो जाएंगी.
  • तंबाकू उत्‍पाद भी इस बजट के बाद महंगे हो जाएंगे.
  • सोने के अलावा चांदी और चांदी के आभूषण खरीदने के लिए भी अतिरिक्‍त रुपये खर्च होंगे.
  • आयात शुल्‍क में इजाफा होने से कई चीजों के दाम भी बढ़ेंगे. आयातित किताबों पर पांच प्रतिशत का शुल्‍क लगेगा.
  • बजट के बाद होम लोन लेना भी सस्‍ता होगा, मतलब घर खरीदना सस्‍ता होगा. सस्ते घरों के लिए ब्याज पर 3.5 लाख रुपये की छूट मिलेगी.
  • बजट 2019 के बाद रक्षा उपकरण सस्ते हो जाएंगे.
  • इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल, रक्षा उपकरण के अलावा लेदर के सामान भी बजट के बाद सस्ते हो जाएंगे.

 

आम बजट 2019-20 का 10 सूत्री विजन इस प्रकार हैं

  • जन भागीदारी से टीम इंडिया का निर्माण.
  • प्रदूषण मुक्त भारत के जरिए हरित धरती और नीले आकाश के लक्ष्य को प्राप्त करना.
  • अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में डिजिटल इंडिया को पहुंचाना.
  • गगनयान, चंद्रयान और अन्य अंतरिक्ष व उपग्रह कार्यक्रम लॉन्च करना.
  • भौतिक व सामाजिक बुनियादी ढांचे का निर्माण.
  • जल, जल प्रबंधन, स्वच्छ नदियां.
  • नीली अर्थव्यवस्था.
  • स्व-आपूर्ति और खाद्य बीजों, दालों, ऑयलसीड, फलों और सब्जियों का निर्यात.
  • आयुष्मान भारत, सुपोषित महिलाओं और बच्चों के जरिए एक स्वस्थ समाज बनाना.
  • मेक इन इंडिया के तहत एमएसएमई, स्टार्टअप्स, रक्षा विनिर्माण, ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैब्स व बैटरियों और मेडिकल उपकरणों पर जोर.

बजट 2019: क्‍या है चुनौती?

सीतारमण को एक मंद होती अर्थव्यवस्था और बाजार की कठिन स्थिति में सरकार के बटुए को भरने के लिए ऐसे समय में एक कठिन विनिवेश लक्ष्य को पूरा करना है, जब कर राजस्व निश्चित रूप से कम आने वाला है. सरकार विनिवेश के जरिए 90,000 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश में है, जो पिछले साल के विनिवेश से प्राप्त 85,000 करोड़ रुपये से अधिक है.

भारत की GDP वित्त वर्ष 2019 की अंतिम तिमाही में फिसल कर 5.8 प्रतिशत हो गई, जो इसके पहले की तिमाही की 6.6 प्रतिशत से कम है. और साथ ही चीन की 6.4 प्रतिशत वृद्धि दर से भी कम है.

खपत मांग और निवेश चक्र ऐसे समय में सरकार पर उच्च खर्च के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि राजस्व घट गया है. रोजगार सृजन नहीं हो रहा है और बेरोजगारी दर सर्वोच्च 6.1 प्रतिशत पर है.

ये भी पढ़ें- बजट 2019: निर्मला सीतारमण का पहला बजट, पढ़ें प्रमुख बातें

ये भी पढ़ें- इनकम टैक्‍स फाइल करना हुआ बहुत आसान, पढ़ें वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान