लोकसभा चुनाव 2019: बिहार में महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे का यह होगा फ़ॉर्मूला

NDA की पटना रैली के पहले महागठबंधन में अंदरखाने सीट बंटवारे का फार्मूला तय कर लिया गया है. राजद 18 और कांग्रेस 11 सीट पर अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी.

2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रहे कयासों का दौर जल्द ही ख़त्म होने वाला है. महागठबंधन सूत्रों के मुताबिक बिहार के 40 लोकसभा सीटों में से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 18 सीटों पर जबकि कांग्रेस पार्टी कुल 11 सीटों पर अपना भाग्य आज़माने जा रही है.

इनके अलावा जनता दल युनाइटेड से अलग होकर ‘लोकतांत्रिक जनता दल’ (लोजद) बनाने वाले शरद यादव, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (हम) के मुखिया जीतन राम मांझी सभी के लिए तीन-तीन सीट छोड़ी जाएंगी.

वहीं मुकेश साहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को दो सीट पर उतारे जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि चारों सहयोगी दलों के एक-एक उम्मीदवार राजद और कांग्रेस की सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं.

यानी कि शरद यादव, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और मुकेश साहनी के पास अपने एक उम्मीदवार को दोनों प्रमुख पार्टियों (राजद और कांग्रेस) में से किसी भी पार्टी की सीट से चुनाव लड़ाने का विकल्प होगा.

इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो बिहार के झंझारपुर लोकसभा सीट से राजद, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव को उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार सकती है. हालांकि इन सभी फ़ॉर्मूला पर अंतिम निर्णय राजद प्रमुख लालू यादव ही लेंगे.

बता दें कि महागठबंधन में सीटों की संख्या को लेकर अब तक कई तरह के कयास लगाये जाते रहे हैं. जीतनराम मांझी कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी चिंता ज़ाहिर कर चुके हैं.

ज़ाहिर है राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सीटों के विवाद को लेकर आए दिन महागठबंधन का मज़ाक उड़ाता रहा है.

ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) की पटना के गांधी मैदान में होने वाली रैली से पहले महागठबंधन ने सीटों का बंटवारा कर विवाद टालने का प्रयास किया है. लालू यादव की मुहर लगते ही जल्द ही इस फ़ॉर्मूले की आधिकारिक घोषणा भी हो जाएगी.