असम में चाय बागान कर्मियों ने डॉक्टर को पीट-पीटकर मार डाला, IMA ने बुलाई 24 घंटे की हड़ताल

जोरहाट के एसपी एनवी चंद्रकांत ने बताया कि इलाज के दौरान एक बागानकर्मी की मौत होने के बाद 250 से 300 लोगों ने अस्पताल को घेर लिया था.

असम के जोरहाट जिले में चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों के द्वारा एक डॉक्टर को पीट-पीटकर मार डालने के मामले में 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए 21 संदिग्धों से घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है.

इलाज के दौरान हो गई मौत
मालूम हो कि शनिवार को चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों ने 73 साल के एक डॉक्टर को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई. डॉक्टर को घायल अवस्था में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

दरअसल, बागानकर्मियों के एक साथी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इस बात को लेकर वो काफी नाराज थे. जोरहाट के एसपी एनवी चंद्रकांत ने बताया कि इलाज के दौरान एक बागानकर्मी की मौत होने के बाद 250 से 300 लोगों ने अस्पताल को घेर लिया था और उसमें तोड़फोड़ मचानी शुरू कर दी. साथ ही भीड़ ने डॉक्टर के ऊपर हमला भी किया.

बागान कर्मियों ने अस्पताल को घेर लिया
जोरहाट जिले की उपायुक्त रोशनी अपरंजी कोराटी ने बताया कि ‘सोमरा माझी की मौत के बाद उसके साथियों ने 73 वर्षीय डॉक्टर देबेन दत्ता की कथित तौर पर पिटाई की. माझी का बागान के ही अस्पताल में इलाज चल रहा था.’

उन्होंने बताया कि चाय बागान कर्मियों ने अस्पताल को घेर लिया था और पुलिस ने डॉ. दत्ता को बचाया. बाद में उन्हें जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल स्थानांतरित किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का लिया फैसला
इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और असम मेडिकल सर्विस एसोसिएशन ने इस घटना के विरोध में सोमवार को चिकित्सकीय सेवाओं पर रोक लगाने की बात कही है. हालांकि, इस दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी. डॉक्टरों का यह विरोध प्रदर्शन 3 सितंबर को सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक चलेगा.

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