परदादा और बाप-दादा के बाद बेटे ने भी किया सुसाइड, कर्ज ने निगली तीन पीढ़ियां

परिवार में 40 साल पहले कर्ज के चक्कर में लवप्रीत के परदादा जोगिंदर सिंह ने पहली आत्महत्या की थी.

बरनाला, पंजाब के भोटना गांव में 22 साल के लवप्रीत सिंह ने कर्ज न चुका पाने की वजह से सुसाइड कर लिया. पंजाब सरकार की तरफ से किसानों के 5 लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने की योजना के बावजूद  लवप्रीत का सिर्फ 57 हजार रुपए का ही कर्जा माफ हो पाया.

पिछले 15 साल में कर्ज के चलते लवप्रीत के परिवार की तीन पीढ़ियों की जान चली गई. कर्ज न चुका न पाने की वजह से लवप्रीत ने अपने परदादा, दादा और पिता की तरह ही मौत को गले लगा लिया. अब बकाया कर्ज उतारने का जिम्मा परिवार में बची दो महिलाओं के सिर है.

लवप्रीत के परिवार पर लगभग 8.57 लाख का कर्ज है जिसमें से 6 लाख रुपए साहूकार से और बैंक से 2 लाख रुपए का कर्ज लिया गया. लवप्रीत के परिवार की 12 एकड़ की जमीन कर्ज चुकता करते-करते 1 एकड़ ही बची.

इस परिवार में 40 साल पहले कर्ज के चक्कर में लवप्रीत के परदादा जोगिंदर सिंह ने पहली आत्महत्या की थी. इसके बाद 1994 में दादा ने भी कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली. इसके बाद पिता कुलवंत सिंह ने कर्ज 2018 के आख़िरी में आत्महत्या कर ली और अब बेटे लवप्रीत ने भी खुदकुशी कर ली. लवप्रीत ने 11 सितंबर की रात जहर खाकर जान दे दी.

एक ओर जहां पंजाब सरकार कर्जमाफी के लिए योजना चला रही है वहीं दूसरी ओर योजना लागू होने के बाद पंजाब में अब तक 60 से अधिक लोग कर्ज की वजह से आत्महत्या कर चुके हैं.

लवप्रीत की मां हरपाल कौर ने बताया, ‘कर्ज न चुका पाने की वजह से मेरा बेटा डिप्रेशन में था. बहन की शादी न करा पाने की वजह से वो बहुत दुखी था, इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली.’