300 डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, हड़ताल खत्म करने CM ममता के सामने रखी 6 शर्तें

बंगाल में चल रही डॉक्टर्स की हड़ताल का असर अब देश के अन्य राज्यों में भी पड़ने लगा है. दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में डॉक्टर्स ने काम करने से इनकार कर दिया है.

कोलकाता: डॉक्टर्स की हड़ताल के चलते पश्चिम बंगाल में अब तक 28 मरीजों की मौत हो चुकी है. इन मृतकों में तीन बच्चे भी हैं. इसके बावजूद डॉक्टर्स की हड़ताल जारी है. डॉक्टर्स ने काम पर जाने से इनकार कर दिया है. राज्य के अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा बंद है, मरीजों की ऑक्सीजन भी नहीं दिया जा रहा है. इन सबके बीच बढ़ती मौतों के आंकड़ों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कोलकाता के सरकारी एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार की रात एक मृत मरीज के परिजनों ने दो जूनियर डॉक्टर्स पर हमला किया था. इस घटना से मेडिकल एसोसिएशन में गुस्सा है, डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं.

300 डॉक्टरों का इस्तीफा, CM के सामने रखी छह शर्तें

बंगाल में अब तक 300 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं, जिसमें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के 175 डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है. जूनियर डॉक्टरों के जॉइंट फोरम के प्रवक्ता डॉ.अरिंदम दत्ता ने हड़ताल वापस लेने के लिए सीएम बनर्जी के सामने छह शर्तें रखी हैं.

1.मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को डॉक्टरों को लेकर दिए गए बयान पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए
2.डॉक्टरों पर हुए हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी करना चाहिए
3.पुलिस की निष्क्रियता की जांच होनी चाहिए
4.डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
5.जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर लगाए गए झूठे आरोपों को वापस लिया जाना चाहिए
6.अस्पतालों में सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका 

कोलकाता के NRS हॉस्पिटल में डॉक्टरों की पिटाई का हवाला देकर दिल्ली के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई. आलोक श्रीवास्तव ने देश भर में सरकारी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियम बनाने की मांग की.  याचिका में कहा- हर सरकारी अस्पताल में सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मी तैनात किये जाएं.  कोर्ट पश्चिमी बंगाल सरकार को डॉक्टरो की पिटाई के आरोपियों पर जल्द सख्त कार्रवाई करने को कहे.

घायल डॉक्टर से मिले राज्यपाल

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने घायल डॉक्टर परिवाहा मुखर्जी से शुक्रवार को मुलाकात की.

राज्यपाल ने की पहल नहीं मिला जवाब

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से संपर्क साधने की कोशिश की है, मगर अब तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है. समाचार एजेंसी के मुताबिक,  राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि ‘मैंने मुख्यमंत्री से संपर्क करने की कोशिश की है, मैंने उन्हें फोन किया है, इस समय तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, अगर उनका फोन आता है तो हम इस मामले पर चर्चा करेंगे. मैंने उन्हें बुलाया है, उन्हें आने दीजिए पहले.’

डॉक्टर्स के साथ ममता की मीटिंग

पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स की हड़ताल को लेकर क्या समाधान हो सकता है इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शीर्ष डॉक्टरों के पैनल से मुलाकात कर रही हैं. मीटिंग कोलकाता में हो रही है. जिसमें डॉक्टर माखनलाल शाहा, अभिजीत मुखर्जी, अलाकेंदु घोष और मंत्री डॉ. निर्मल माझी मौजूद हैं.

कैलाश विजयवर्गीय ने दिया बयान

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा ‘बंगाल की हालत से हर कोई परिचित है. जिस तरह के हालात ममता बनर्जी ने वहां पैदा किया है उससे डॉक्टर परेशान है. वैसै ही डॉक्टरों की कमी है, बंगाल में ऐसे हालात में डॉक्टरों की कमी से लोगों तो काफी परेशानी हो रही है.’

‘ममता बनर्जी डॉक्टरों को बचाने के बजाय टीएमसी के गुंडों को बचाने में लगी है. पहले राजनीति कार्यकर्ताओं की हत्या और अब डॉक्टरों के साथ मारपीट. हम चाहते हैं कि सरकार चले लेकिन जिस तरह से बंगाल में जो कुछ हो रहा है उससे तो कुछ और ही लगता है.’

डॉ.हर्षवर्धन ने लिखा CM ममता को पत्र

केंद्रीय मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा. उन्होंने लिखा कि हड़ताल खत्म करवाने के लिए व्यक्तिगत तौर पर ममता बनर्जी दखल दें.

119 से अधिक डॉक्टर का इस्तीफा

ममता सरकार से खफा डॉक्टरों ने इस्तीफों की झड़ी लगा दी है अभी तक राज्य में 119 से अधिक डॉक्टर अपना पद छोड़ चुके हैं. अभी तक दार्जिलिंग, उत्तर परगना, और NRS कॉलेज में 100 से अधिक डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं तो वहीं कोलकाता में 80 से अधिक डॉक्टरों ने इस्तीफे की धमकी दी है.

हाईकोर्ट ने ममता सरकार को लगाई फटकार

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल और इस्तीफे की खबरों के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता सरकार को फटकार लगाई है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह इस मुद्दे को बातचीत कर सुलझाए. हाईकोर्ट ने ममता सरकार से पूछा है कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

बिना शर्त माफी मांगे

बड़ी संख्या में डॉक्टर्स के इस्तीफे के बाद अब हड़ताल पर गए डॉक्टर्स ने हड़ताल लेने के पीछे कुछ शर्तें भी रखी हैं. इन शर्तों में एक मांग यह है कि ममता बनर्जी को डॉक्टरों से बिना शर्त माफी मांगनी होगी.

हाई कोर्ट ने शपथ की दिलाई याद

कलकत्ता हाई कोर्ट ने हड़ताल कर रहे डॉक्टर्स को उनके शपथ की याद दिलाई है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा है कि डॉक्टर्स ने हर एक स्थिति में समाज की सेवा करने की शपथ ली है. उन्हें इस शपथ को ध्यान में लाना चाहिए. बेंच ने साथ ही राज्य सरकार को इस मामले में रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है. कोर्ट का कहना है कि मामले की एक फुल रिपोर्ट सबमिट की जाए.

पश्चिम बंगाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के 100 डॉक्टर्स के इस्तीफा देने की खबर है. वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने डॉक्टर्स के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की है. हालांकि हड़ताल कब खत्म होगी, इस बारे में अबतक कुछ नहीं कहा जा सकता.

दिल्ली में डॉक्टर्स के इंतजार में मरीज

दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल हाल है. मरीज अस्पताल के बाहर में डॉक्टरों के इंतजार में परेशान हैं. एक मरीज को चक्कर आ गया. साहिबाबाद से मालती देवी अपने ऑपरेशन का टांका कटवाने आयी थीं लेकिन उन्हें वापस जाना पड़ रहा है.

मरीजों की शिकायत है कि सुबह से पर्चा बनने के बाद वह इस बात के इंतजार में हैं कि कब डॉक्टर देखेंगे. मरीजों की शिकायत यह भी है कि यदि उन्हें पता होता तो आज वह आते ही नहीं. एक मरीज ने अपने अजीज के मरने की भी बात कबूली और कहा कि इलाज नहीं होने की वजह से मौत हुई है.

26 सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल बंद

महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) से संबद्ध डॉक्टरों ने राज्य के सभी 26 सरकारी अस्पतालों में मरीजों को देखना बंद कर दिया है. एमएआरडी के महासचिव दीपक मुंडे ने कहा है कि सभी डॉक्टर सुबह 8 बजे से 5 बजे तक अपनी सेवा बंद रखेंगे. इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन को यह सूचित कर दिया गया है कि किसी भी तरह से मरीजों को कोई परेशानी न हो और अन्य सेवा बाधित न हो.

CM ममता झुकने को तैयार नहीं

दूसरी तरफ, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टरों पर ही हमलावर हैं. पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष निर्मल माजी ने गुरुवार को कहा कि हड़ताली डॉक्टर अगर काम पर नहीं लौटे तो उनका पंजीयन रद्द हो सकता है और उनका इंटर्नशिप पूरा होने का पत्र रोक दिया जाएगा.

बंगाल में चल रही डॉक्टर्स की हड़ताल का असर अब देश के अन्य राज्यों में भी पड़ने लगा है. दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में डॉक्टर्स ने काम करने से इनकार कर दिया है. कई शहरों में डॉक्टर सड़क पर उतर आए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं.

एम्स में डॉक्टर्स ने हेलमेट पहन कर मरीजों का इलाज किया.

देश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स पर हुए हमले के विरोध में मध्य प्रदेश का चिकित्सा अधिकारी संघ भी मुखर हो गया है. पूरे देश में डॉक्टर्स के लिए एक समान प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की है. साथ ही अस्पतालों में सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने की मांग रखी है.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टर्स ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रोटेस्ट किया है.

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