चीन से आई बिल्ली का 3 महीने का क्वारंटीन हुआ पूरा, एडॉप्शन के लिए है तैयार

बिल्लियों (Cats) को इस जानलेवा वायरस से संक्रमण का खतरा ज्यादा है और वे एक-दूसरे को संक्रमित कर सकती हैं.

चेन्नई बंदरगाह पर कंटेनर में मिली एक स्टोववे बिल्ली (Stowaway Cat), जो कि चीन से आई थी, आखिरकार तीन महीने क्वारंटीन (Quarantine) में बिताने के बाद रिहा हो गई है और अब वह एडॉप्शन के लिए तैयार है.

गहरे भूरे रंग की बिल्ली का बच्चा खिलौनों के एक कंटेनर में पाया गया था, जो कि 17 फरवरी को पड़ोसी देश से आया था और बाद में कानूनी बाधाओं और अज्ञानता की वजह से उसे निर्वासन (Deportation) का सामना करना पड़ा था. टैबी कोट और सफेद पंजे वाली यह मादा बिल्ली अब स्वस्थ है.

पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (पेटा) इंडिया के अनुसार, “चेन्नई कस्टम अधिकारियों ने 23 मई को बिल्ली को कैटीट्यूड ट्रस्ट को सौंप दिया था. वह चेन्नई में 2005 से काम कर रही संस्था के पास सुरक्षित है.”

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19 अप्रैल को, केंद्र सरकार ने चेन्नई की पशु क्वारंटीन और प्रमाणन सेवा (AQCS) को 30 दिनों का क्वारंटीन पूरा हो जाने पर, बिल्ली को सौंपने की सलाह दी थी. पेटा इंडिया, ब्लू क्रॉस ऑफ इंडिया के सह-संस्थापक चिनकी कृष्णा और द कैटीट्यूड ट्रस्ट के सह-संस्थापक मेनका गांधी के समर्थन से पिछले तीन महीनों से उसकी रिहाई की अपील कर रही थीं.

इंसानों को नहीं है पालतू जानवरों से कोरोनावायरस का खतरा

पेटा इंडिया की पशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रबंधक रश्मि गोखले (Rashmi Gokhale) ने चेन्नई की एनिमल क्वारंटीन एंड सर्टिफिकेशन सर्विसेज को लिखा था कि जब तक कोई और उस बिल्ली को नहीं अपना लेता, तब तक के लिए वह बिल्ली को पालना चाहती हैं. गोखले ने चेन्नई सीमा शुल्क क्षेत्र को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया कि इंसानों को बिल्लियों से कोरोनावायरस (Coronavirus) का खतरा नहीं है.

अलग-अलग अध्ययनों से पता चला है कि बिल्लियों को इस जानलेवा वायरस से संक्रमण का खतरा ज्यादा है और वे एक-दूसरे को संक्रमित कर सकती हैं. अब तक मिली जानकारी के अनुसार, लोगों में पालतू जानवरों से कोरोनावायरस फैलने का खतरा कम होता है.

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