असम पुलिस पर गर्भवती समेत 3 महिलाओं संग टॉर्चर का आरोप, कपड़े उतरवाकर लाठियों से पीटा

मामले पर संज्ञान लेते हुए आउटपोस्ट इंचार्ज सब इंस्पेक्टर महेंद्र शर्मा और महिला कांस्टेबल बिनिता बोरो को सस्पेंड कर दिया गया है.

आम जनता की सुरक्षा करने वाली पुलिस अगर खुद ही बर्बरता पर उतर जाए तो खाकी से विश्वास उठना लाजमी है. तीन बहनों ने असम पुलिस पर कस्टडी में रखकर टॉर्चर करने का आरोप लगाया है.

इतना ही नहीं इन बहनों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने कस्टडी में रखकर उनके कपड़े उतरवा दिए और फिर लात और लाठी से उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी. पुलिस पर जिन महिलाओं की पिटाई का आरोप लगा है उनमें से एक महिला गर्भवती भी है.

यह घटना दरंग जिले के पुलिस आउटपोस्ट की है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन लड़कियों के भाई (मुस्लिम) पर एक हिंदू युवती के अपहरण का केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़िताओं को हिरासत में लेकर उन्हें टॉर्चर किया.

रिपोर्ट के अनुसार, मामले पर बात करते हुए, असम डीजीपी कुलाधर सईका ने बताया कि मामले पर संज्ञान लेते हुए आउटपोस्ट इंचार्ज सब इंस्पेक्टर महेंद्र शर्मा और महिला कांस्टेबल बिनिता बोरो को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है.

भाई पर हिंदू महिला को अगवा करने का आरोप

दरंग एसपी अमृत ने बताया कि 6 सिंतबर को महिला के परिवार ने पीड़ित महिलाओं के भाई पर उसे किडनैप करने का केस दर्ज कराया था. फिलहाल पीड़ित महिलाओं का भाई पुलिस हिरासत में है. वहीं 28 वर्षीय पीड़िता, जो कि गर्भवती है, उसका कहना है कि उसका भाई और वह महिला पिछले दो सालों से एक दूसरे से प्यार करते हैं.

वहीं दूसरी पीड़िता ने कहा कि उनके पास दोनों के रिश्ते के सारे सबूत और उनके भाई पर किडनैपिंग का झूठा इल्जाम लगाया गया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि हिंदू महिला ने अपने बयान में कहा है कि उसे जबरन ले जाया गया था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

 

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