लद्दाख: जहां 45 साल से खामोश थीं बंदूकें, वहां पिछले 20 दिनों में तीन बार हुई गोलीबारी

भारत और चीन के बीच अप्रैल-मई के बाद से कई बार सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इनका कोई परिणाम नहीं निकला है. चीन के विस्तारवादी रवैये के चलते भारत और चीन के बीच पिछले 4 महीनों से हालात तनावपूर्ण हैं.

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लगभग साढ़े चार दशक यानी 45 वर्षों से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC)पर एक भी गोली नहीं चली थी, लेकिन बॉर्डर को लेकर तनाव के चलते पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों की तरफ से पिछले 20 दिनों में 3 बार फायरिंग की गई है.

सेना से जुड़े एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, “फायरिंग की पहली घटना 29-31 अगस्त के बीच हुए, जब चीनी सैनिकों के पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के पास जरूरी पॉइंट्स हड़पने के प्रयास को भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया. वहीं दूसरी घटना 7 सितंबर को मुखपरी में हुई.”

उन्होंने बताया कि तीसरी घटना 8 सितंबर को पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर हुई. इसबार चीनी पक्ष की तरफ से काफी आक्रामकता दिखाई गई, जिसके चलते दोनों तरफ की सेनाओं की ओर से 100 से ज्यादा राउंड्स फायर किए गए.

बातचीत से अबतक नहीं निकला हल

ये घटना उस समय हुई जब भारत के विदेश मंत्री शांघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन की मीटिंग के लिए मॉसको में थे, जहां उन्होंने बॉर्डर विवाद को लेकर अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात भी की. इस मुलाकात के बाद दोनों पक्षों के बीच कॉर्प्स कमांडर स्तर की बातचीत होनी थी, लेकिन अभी तक चीन ने इस स्तर की बैठक के लिए जगह और समय पर हामी नहीं भरी है.

भारत और चीन के बीच अप्रैल-मई के बाद से कई बार सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इनका कोई परिणाम नहीं निकला है. चीन के विस्तारवादी रवैये के चलते भारत और चीन के बीच पिछले 4 महीनों से हालात तनावपूर्ण हैं. वहीं भारतीय सेना भी चीनी सेना के किसी भी तरह के आक्रामक रुख का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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