उफनती नदी में 60 साल के पुजारी ने लगा दी छलांग, 2 दिन बाद सकुशल आया पानी से बाहर

वेंकटेश मूर्ति हर बार नदी में कूदकर आधा घंटे में वापस आ जाते थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.

नई दिल्ली: कर्नाटक के लोग इन दिनों बाढ़ से परेशान हैं. बाढ़ ने कर्नाटक समेत कई राज्यों में तबाही मचा रखी है. इस बीच कर्नाटक से बाढ़ से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. मैसूर जिले में 60 साल के एक पुजारी ने कपिला नदी में पानी के तेज बहाव के बीच छलांग लगा दी और दो दिनों तक वो लापता रहे.

बांध खोले जाने से शहर में भरा पानी
राज्य में लगातार हो रही बारिश के बीच जब काबिनी बांध के गेट खोले जाने से बेंगलुरु से 169 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में ननजानगुड शहर में पानी भर गया. इससे कई लोगों को रिलीफ कैंप में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा. लेकिन इन सबके बीच वेंकटेश मूर्ति को इसमें कपिला नदी की तेज रफ्तार धार से सामना करने का एक अवसर नजर आया.

दरअसल, वेंकटेश हर बार नदी में कूदकर आधा घंटे में वापस आ जाते थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. इससे उनके परिवार के लोग भी घबरा गए. लेकिन दो दिनों के बाद अचानक उनके नदी से बाहर आने पर सबके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है.

‘…इससे हम सब डर गए थे’
वेंकटेश की बहन मंजुला ने कहा, “ये पहला मौका नहीं है जब मूर्ति ने नदी में छलांग लगाई है. वो ऐसा पिछले 25-30 सालों से कर रहे हैं. लेकिन छलांग लगाने के कुछ समय बाद वो नदी से बाहर आज जाते थे. लेकिन इस बार उन्होंने काफी समय ले लिया. इससे हम सब डर गए थे.”

वेंकटेश ने बाहर आने के बाद कहा कि वह नदी के पिलर्स में फंस गए थे. जैसे-तैसे उन्होंने 60 घंटे वहां पर गुजारे. नदी में बाढ़ का पानी कम होने के बाद वो वापस लौट सके. उन्होंने कहा कि इस दौरान मैंने अपना हौसला नहीं खोया.

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