हैदराबाद में बसे हैं 6,000 रोहिंग्या, इनको धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए: किशन रेड्डी

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी ने गुरुवार को हैदराबाद में कहा म्यांमार हैदराबाद से बहुत दूर होते हुए भी पिछले 10 सालों से करीब 6,000 रोहिंग्या हैदराबाद में बसे हुए हैं.

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी ने गुरुवार को हैदराबाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, हैदराबाद में 6,000 रोहिंग्या बसे हुए हैं, जम्मू कश्मीर के बाद सबसे ज्यादा रोहिंग्या हैदराबाद में बसे हुए हैं. म्यांमार हैदराबाद से बहुत दूर होते हुए भी पिछले 10 सालों से करीब 6,000 रोहिंग्या हैदराबाद में बसे हुए हैं.

किशन रेड्डी का कहना है कि देश के बॉर्डर इलाकों में ये लोग कैसे आए ये तो समझ सकते हैं, मगर देश के बीचों-बीच हैदराबाद में कैसे आए, कौन ले आए, कौन इन्हें पनाह दे रहे हैं, ये पूरा सोचने की बात है. केंद्रीय मंत्री का कहना है कि देश की जनसंख्या वैसे ही बहुत बड़ी है, देश के सभी लोगों को घर नहीं दे पा रहे हैं, नौकरियां नहीं दे पा रहे हैं, इसी दृष्टि से विदेशियों को हमारे देश में ज्यादा दिनों तक नहीं रहना चाहिए, इनको धर्म के नाम पर जोड़कर देखना सही नहीं है.

ओवैसी को सीरियस लेने की जरूरत नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ बताए जाने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी दूर-दूर तक फादर ऑफ इंडिया नहीं है, ओवैसी ने यह भी कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप जाहिल आदमी हैं और ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं. अगर डोनाल्‍ड ट्रंप को महात्मा गांधी के बारे में मालूम होता तो इस तरह की जुमलेबाजी नहीं करते.

इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए किशन रेड्डी ने कहा कि मैं ट्रंप की तरफदारी नहीं कर सकता. जब तक ट्रंप देश के बारे में अच्छी बात करेंगे तो उनका स्वागत है. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रपिता गांधी जी का जयंती बड़े धूमधाम से मनाने वाले हैं. रही बात असदुद्दीन ओवैसी की उन्हें सीरियसली न लें, वो तो बस एक सांसद हैं. जो हैदराबाद तक ही सीमित हैं. उन्हें हैदराबाद छोड़कर अमेरिका के राष्ट्रपति के बारे में नहीं सोचना चाहिए.

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