सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद सेना के 4 जवानों समेत 6 की हुई मौत

हिमस्खलन दोपहर 3 बजे उत्तरी ग्लेशियर में 18,000 फीट की ऊंचाई पर हुआ. इसके बाद सेना ने फंसे हुए सैनिकों को वापस लाने के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया है.
avalanche in Siachen, सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद सेना के 4 जवानों समेत 6 की हुई मौत

उत्तरी सियाचिन ग्लेशियर में सोमवार को हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद भारतीय सेना के चार जवानों समेत कुछ 6 लोगों की मौत हो गई है. सैनिक एक पेट्रोलिंग ट्रूप का हिस्सा थे. जानकारी के मुताबिक हिमस्खलन दोपहर 3 बजे उत्तरी ग्लेशियर में 18,000 फीट की ऊंचाई पर हुआ. इसके बाद सेना ने फंसे हुए सैनिकों को वापस लाने के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया.

भारतीय सेना ने सियाचिन ग्लेशियर के उत्तरी सेक्टर में हिमस्खलन के कारण छह जवानों की मौत की पुष्टि की है. इनमें भारतीय सेना के चार जवान और दो सिविलियन पोर्टर्स शामिल हैं. सेना का कहना है कि इन जवानों की मौत एक्सट्रीम हाइपोथर्मिया के कारण हुई है.

सेना के अधिकारी के मुताबिक हिमस्खलन में फंसने वाले जवान पेट्रोलिंग पर थे. उन्होंने बताया कि वह सभी हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद समुद्र की सतह से 18,000 से 19,000 फीट की ऊंचाई पर फंस गए. अधिकारी के मुताबिक ऑपरेशन शुरू किया जा चुका है और उन्हें खोजने और बचाने के लिए अभियान चल रहा है.

काराकोरम रेंज में लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया में सबसे ऊंचा सैन्यीकृत क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहां सैनिकों को बर्फ और जान ले लेने वाली ठंडी हवाओं से जूझना पड़ता है. सियाचिन ग्लेशियर में सर्दियों के दौरान हिमस्खलन और भूस्खलन आम हो जाते हैं, इस दौरान तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर सकता है.

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