DCW ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग मामले में प्लेसमेंट एजेंसी के खिलाफ दर्ज कराई FIR, पुलिस से मांगी रिपोर्ट

प्लेसमेंट एजेंसी के मालिकों ने बच्चे को देने से मना कर दिया. परेशान होकर पति-पत्नी मदद मांगने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के पास गए मगर...

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग के 181 महिला हेल्पलाइन पर पश्चिम बंगाल से 2 महीने के बच्चे की तस्करी की शिकायत दर्ज करवाई गई. शिकायत मिलने पर दिल्ली महिला आयोग की एक टीम शिकायतकर्ता के पास गई जिसने तस्करी किये गए 2 महीने के बच्चे की मां से टीम को मिलवाया. उस महिला और उसके पति से बंगाल में एक आदमी मिला था जो उन दोनों को दिल्ली में नौकरी दिलवाने के नाम पर उनके 2 महीने के बच्चे के साथ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से दिल्ली ले कर आ गया.

महिला ने बताया कि जिस दिन वे दिल्ली पहुंचे, उसी रात उसको तैमूर नगर स्थित एक फ्लैट में ले जाया गया. उसको अगले छः महीने तक एक घर में काम करने और अपने 2 महीने के बच्चे को प्लेसमेंट एजेंसी के पास छोड़ने को कहा गया. जब उसने अपने बच्चे को छोड़ने को मना किया तो उसको एक कमरे में बंद कर दिया गया और प्लेसमेंट एजेंसी के मालिकों ने उसके बच्चे को छीन लिया.

दिल्ली महिला आयोग से मिली मदद
प्लेसमेंट एजेंसी के मालिकों ने उसके बच्चे को देने से मना कर दिया. परेशान होकर और असहाय होकर पति-पत्नी पुलिस से मदद मांगने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के पास गए मगर वहां उनकी शिकायत नहीं सुनी गयी. उत्तर प्रदेश से वे दोनों राजस्थान गए जहां पर शिकायतकर्ता का पति उससे अलग हो गया और वह दिल्ली वापस आ गयी. यहां आकर महिला ने दिल्ली महिला आयोग की मदद मांगी.

दिल्ली महिला आयोग ने उसकी शिकायत सुनकर तुरंत उस व्यक्ति से संपर्क किया जिसने कथित रूप से उसका बच्चा छीन लिया था, उसने बताया कि उसने बच्चे को किसी और को दे दिया है. दूसरे आदमी से बात करने पर आयोग को पता चला कि बच्चे को कम से कम 4-5 बार बेचा गया. आयोग उन सभी लोगों को एक ही दिन में ढूंढने में सफल रहा, सिवाय उस आखिरी आदमी के जो बच्चे को ले गया था.

अभी तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी
कई दिन बीत जाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है. इस मामले का फॉलो अप लेने के लिए दिल्ली महिला आयोग की टीम अभियुक्त के घर पर अचानक पहुंची जहां पर देखा कि उसके घर का ताला खुला हुआ था. आयोग की टीम ने तुरंत पुलिस को फोन करके सूचना दी. जब तक पुलिस पहुंची, तब तक अभियुक्त फरार हो गया. उसके बाद आयोग की टीम के एक सदस्य के घर कुछ लोग पहुंच गए जो अपने आपको एक राजनीतिक दल का सदस्य बता रहे थे, उन्होंने इस मामले में काम करने पर टीम के सदस्य के परिवार को धमकी दी.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने इस मामले में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एसएचओ को नोटिस भेजा है और इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार न करने के कारणों की जानकारी मांगी है.

‘मानव तस्करी का अड्डा बन गई है दिल्ली’ 
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “यह बहुत ही शर्म की बात है कि दिल्ली आज मानव तस्करी का अड्डा बन गयी है. दिल्ली पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण अपराधी बिना किसी डर के तस्करी कर रहे हैं. जब आयोग इन तस्करों तक पहुंच सकता है, तो पुलिस क्यों नहीं पहुँच सकती? हम बच्चे को उसकी मां तक पहुंचाने और अपराधियों को गिरफ्तार करवाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे.”

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