delegation from 154 former judges, CAA पर हिंसा करने वालों पर हो कार्रवाई, 154 पूर्व जजों-सीनियर अधिकारियों की राष्ट्रपति से गुहार
delegation from 154 former judges, CAA पर हिंसा करने वालों पर हो कार्रवाई, 154 पूर्व जजों-सीनियर अधिकारियों की राष्ट्रपति से गुहार

CAA पर हिंसा करने वालों पर हो कार्रवाई, 154 पूर्व जजों-सीनियर अधिकारियों की राष्ट्रपति से गुहार

ज्ञापन में कहा गया है कि 'हमें ऐसा लगता है कि माहौल बिगाड़ने के लिए प्रदर्शनकारियों में बाहरी तत्व शामिल हैं. ऐसे में हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए.'
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देश के 154 पूर्व न्यायधीशों, नौकरशाहों, सैन्य कर्मियों, कूटनीतिज्ञों और बुद्धजीवियों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप (एनआरसी) को लेकर देश में बने ‘दूषित माहौल’ के संदर्भ में ये मुलाकात हुई.

इन्होंने सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की.

राष्ट्रपति से मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने कहा, “निहित स्वार्थ के तहत कुछ तत्व आम लोगों के साथ मिलकर दोषपूर्ण अभियान चला रहे हैं. ये लोग भोली-भाली भारतीय जनता को गलत सूचना देकर बहका रहे हैं. खास तौर से युवाओं और अल्पसंख्यकों के एक समूह को भड़काया जा रहा है. सभी भारतीयों के लिए लाए गए सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर झूठी और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं.”


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ‘प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करने का दावा कर रहे हैं. लेकिन उन्हें देश की एकता और संप्रभुता को नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है.’

आगे कहा गया है कि ‘हमें ऐसा लगता है कि माहौल बिगाड़ने के लिए प्रदर्शनकारियों में बाहरी तत्व शामिल हैं. ऐसे में हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए. देश की संवैधानिक संस्थाओं को सुरक्षित रखा जाए और ऐसी ताकतों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाए.’

प्रतिनिधिमंडल ने मोदी सरकार की ओर से पिछले छह साल में किए गए ‘उल्लेखनीय कार्यों’ की तारीफ की. देश का प्राचीन संदेश ‘दुनिया एक परिवार है’ को पूरे संसार में फैलाने के लिए भी इन्होंने सरकार की प्रशंसा की.

आगे कहा गया है कि मौजूदा सरकार ने घरेलू स्तर पर लंबे समय से अटके पड़े फैसलों का निपटारा किया. देश के तेज गति से विकास में आ रही बाधाओं को दूर किया. साथ ही देश को विश्वगुरु बनने की राह पर ले गए.

इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण, केरल के पूर्व मुख्य सचिव सी वी आनंद बोस, पूर्व राजदूत जी एस अय्यर, पूर्व रॉ प्रमुख संजीव त्रिपाठी, आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक एस के कैन, दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त आर एस गुप्ता, पूर्व सेना उपप्रमुख एन एस मलिक जैसी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं.

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