10 पार्टियों के नेताओं को लेकर श्रीनगर गए थे राहुल गांधी, एयरपोर्ट से भेजे गए वापस

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा था कि विपक्षी नेता कश्मीर ना आएं और सहयोग करें. नेताओं के दौरे से असुविधा होगी.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज जम्मू-कश्मीर का दौरा करने गया था. हालांकि प्रशासन ने उन्‍हें श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पहले ही कहा था कि नेता इस दौरे से उन प्रतिबंधों का भी उल्लंघन कर रहे हैं, जो अभी भी कई क्षेत्रों में लागू हैं.

Live Updates:

  • विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर एयरपोर्ट से भेजा जा रहा है वापस.
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के नेता श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतर चुके हैं.
  • विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल में डी राजा, शरद यादव, माजिद मेनन और मनोज झा समेत कई नेता श्रीनगर के लिए रवाना हुए हैं.

  • राहुल गांधी कश्मीर जाने वाली फ्लाइट में बैठ चुके हैं. राहुल के साथ 10 पार्टियों के 12 नेता मौजूद हैं.

  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने घर से निकलते समय मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘सारे जिम्मेदार नेता जा रहे हैं. हम कोई कानून तोड़ने नहीं जा रहे हैं. सरकार कहती है कि हालात सामान्य हैं और फिर वो जाने नहीं देते हैं.’
  • आजाद ने कहा कि महबूबा, फारूक सब नजरबंद क्यों हैं. अगर हालात सामान्य हैं तो वो मुझे अपने घर क्यों नहीं जाने देते हैं. सरकार कुछ छुपा रही है, देश को बताओ. हम कानून मानने वाले लोग हैं.
  • उन्होंने कहा कि जम्मू के बच्चों को कश्मीरी बताकर हालात सामान्य होने की बात कही जा रही है. हालात सामान्य हैं तो मेरा कश्मीर घर है, मैं प्रदेश का पूर्व सीएम हूं, मुझे वहां क्यों नहीं जाने दिया जा रहा?
  • एनसीपी नेता माजिद मेनन ने कहा है कि हमारा उद्देश्य गड़बड़ी करना नहीं है. हम सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि समर्थन में जा रहे हैं, ताकि हम भी सुझाव दें कि क्या किया जाना चाहिए.
  • इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी के साथ पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और भाकपा, माकपा, राजद, डीएमके के नेता तथा अन्य लोग भी हिस्सा होंगे. बसपा और सपा इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं हैं.
  • इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बयान जारी करके कहा है कि ‘विपक्षी नेता कश्मीर ना आएं और सहयोग करें. नेताओं के दौरे से असुविधा होगी. हम लोगों को आतंकियों से बचाने में लगे हैं.’
  • प्रशासन ने कहा कि नेता उन प्रतिबंधों का भी उल्लंघन कर रहे होंगे, जो अभी भी कई क्षेत्रों में हैं. वरिष्ठ नेताओं को समझना चाहिए कि शांति, व्यवस्था बनाए रखने और नुकसान को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.

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