जिंदगी की जंग हार गया फतेहवीर, नहीं बचाया जा सका दो साल का मासूम

बच्चा गुरुवार को बोरवेल में गिरा था. विशेषज्ञता की कमी और तकनीकी अड़चनों के चलते बचाव अभियान में एक के बाद एक बाधा आ रही थी.
fatehveer, जिंदगी की जंग हार गया फतेहवीर, नहीं बचाया जा सका दो साल का मासूम

चंडीगढ: पंजाब में संगरूर के एक गांव में बोरवेल में फंसे दो साल के बच्चे को बचाया नहीं जा सका है. फतेहवीर जिंदगी की जंग हार गया है. फतेहवीर को मंगलवार सुबह ही चंड़ीगढ़ के पीजीआई में भर्ती कराया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फतेहवीर को मंगलवार सुबह 5:10 बजे निकाला गया. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को बच्चे को 150 फीट गहरे बोरवेल से निकालने में 108 घंटे का समय लग गया.

दिन-रात चल रहा था काम
बच्चा गुरुवार को बोरवेल में गिरा था. विशेषज्ञता की कमी और तकनीकी अड़चनों के चलते बचाव अभियान में एक के बाद एक बाधा आ रही थी. विशेष टीमें इस पर दिन-रात काम कर रही थीं. बोरवेल के समानांतर एक सुरंग खोदी गई. आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम और एम्बुलेंस घटनास्थल पर तैनात की गई थी.

देश भर में हो रही दुआएं
बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही थी और बच्चे की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कैमरा का उपयोग किया गया. बच्चे की मां गगनदीप कौर के मुताबिक, वह छह जून को शाम चार बजे के करीब बोरवेल में गिर गया था. फतेहवीर को बोरवेल से सही-सलामत निकालने के लिए और उसके स्वस्थ्य रहने के लिए देश भर में दुआएं की जा रही थीं.

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फतेहवीर की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कैमरा का उपयोग किया गया.

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