UIDAI on notice of citizenship proof, UIDAI ने मोहम्मद सत्तार से मांगे नागरिकता के सबूत, ओवैसी ने कहा ‘गैरकानूनी और नाकाबिले बर्दाश्त’
UIDAI on notice of citizenship proof, UIDAI ने मोहम्मद सत्तार से मांगे नागरिकता के सबूत, ओवैसी ने कहा ‘गैरकानूनी और नाकाबिले बर्दाश्त’

UIDAI ने मोहम्मद सत्तार से मांगे नागरिकता के सबूत, ओवैसी ने कहा ‘गैरकानूनी और नाकाबिले बर्दाश्त’

हैदराबाद के तलब कट्टा में रहने वाले मोहम्मद सत्तार खान को UIDAI ने फर्जी आधार कार्ड रखने की आशंका में नोटिस भेजा है कि सत्तार भारत के नागरिक हैं, ये साबित करने के लिए सारे सबूत और कागजात लेकर आएं.
UIDAI on notice of citizenship proof, UIDAI ने मोहम्मद सत्तार से मांगे नागरिकता के सबूत, ओवैसी ने कहा ‘गैरकानूनी और नाकाबिले बर्दाश्त’

नागरिकता संशोधन कानून और नेशनल रजिस्टर फॉर पॉपुलेशन के मुद्दे को आधार कार्ड से जुड़े एक मामले ने नया मोड़ दे दिया है. हैदराबाद में रहने वाले मोहम्मद सत्तार को आधार कार्ड अधिकारियों की तरफ से नोटिस भेजकर नागरिकता साबित करने को कहा गया. इस नोटिस के बाद सियासी तूफान आ गया. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मसले पर सरकार को घेरा है.

हैदराबाद के तलब कट्टा में रहने वाले मोहम्मद सत्तार खान को UIDAI ने फर्जी आधार कार्ड रखने की आशंका में नोटिस भेजा है. नोटिस में कहा गया है कि सत्तार भारत के नागरिक हैं, ये साबित करने के लिए सारे सबूत और असली दस्तावेजों के साथ 20 फरवरी को जांच अधिकारी के समक्ष पेश हों. नोटिस में ये भी कहा गया है कि यदि वो भारत के नागरिक नहीं हैं तो उन सभी कागजों के साथ आएं जिनके तहत उन्हें यहां रहने की अनुमति मिली है.

मोहम्मद सत्तार के वकील ने दावा किया कि UIDAI को भारत के नागरिक होने का सबूत मांगने का अधिकार नहीं है. तेलंगाना एडवोकेट्स ज्वायंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने कहा कि ये पूरा गलत इल्जाम है, UIDAI के पास आधिकारिक रूप से ऐसी कोई ताकत नहीं है जो किसी भी नागरिक से उसकी नागरिकता के बारे में दस्तावेज की मांग कर सके. ऐसे समय पर जब देश भर में CAA, NRC और NPR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, उस समय UIDAI की ऐसी हरकत बहुत गलत है.

इस मामले को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट किया ‘आधार एक्ट का सेक्शन 9 कहता है कि ये नागरिकता का प्रूफ नहीं है. UIDAI को क्या कानूनी अधिकार है कि वो किसी से उसकी नागरिकता का प्रमाण मांगे? नोटिस में कोई ठोस तर्क भी नहीं दिया गया है. ये गैरकानूनी है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.’

UIDAI on notice of citizenship proof, UIDAI ने मोहम्मद सत्तार से मांगे नागरिकता के सबूत, ओवैसी ने कहा ‘गैरकानूनी और नाकाबिले बर्दाश्त’

मामला बढ़ता देख UIDAI ने सफाई पेश की है. कहा है, ‘रीजनल ऑफिसर हैदराबाद को राज्य की पुलिस से 127 लोगों के बारे में जानकारी मिली थी, जिनके पास फर्जी आधार कार्ड होने की संभावना है. ये लोग घुसपैठिए हो सकते हैं, जिनके पास ऐसे आधार कार्ड हैं जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है. इसी कारण से स्थानीय अधिकारी ने कुछ लोगों को नोटिस भेजा है. जो जवाब आएगा उसे जांचा जाएगा, अगर किसी का आधार नंबर मैच नहीं करता है तो उसे रद्द किया जाएगा. इसका किसी की नागरिकता से कोई मतलब नहीं है.’

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