‘शाहबानो भी पलट गई, मुसलमानों को गटर में रहने दो’- पूरी कहानी आरिफ मोहम्मद की ज़ुबानी

पीएम मोदी ने जिस बयान का सहारा लेकर कांग्रेस पर हमला बोला उस बयान की पूरी कहानी खुद बता रहे हैं आरिफ मोहम्मद खान.. क्योंकि दरअसल जो कुछ कहा गया था वो उनसे ही कहा गया था.

पीएम मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में दिए भाषण में एक पूर्व कांग्रेस नेता के बयान का हवाला दिया तो हंगामा मच गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस नेता ने एक बार कहा था कि मुसलमानों को उभारना उनकी पार्टी यानि कांग्रेस का कर्तव्य नहीं है और ‘अगर वे गटर में रहना चाहते हैं तो उन्हें वहीं रहने दिया जाए’.

यह दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस नेता का नाम नहीं बताया लेकिन चार बार सांसद और राजीव गांधी सरकार में मंत्री रहे आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस नेता की बात कर रहे थे. खान के ज़रिए ही सभी को मालूम चला कि जिसके बयान की बात हो रही है वो पूर्व पीएम नरसिम्हाराव थे. ये बयान तब आया था जब देश में शाहबानो केस चर्चा में था और खान राजीव मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहे थे. जिस दिन संसद में सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए बिल ला रही थी उसी शाम आरिफ मोहम्मद खान इस्तीफा पेश कर रहे थे. वो याद करते हैं कि अरुण नेहरू और माखनलाल फोतेदार आए और बड़े प्यार से मुझे समझाया कि इस्तीफा वापस ले लो. फिर नरसिम्हा रावजी आए वो बुजुर्ग थे, बुजुर्ग के नाते उन्होंने मुझे बड़े प्यार से समझाया और मुझसे कहा कि शाह बानो ने भी अपना स्टांस वापस ले लिया फिर तुम ज़िद पर क्यों अड़े हो? उन्होंने ये समझाने का प्रयास किया कि हम राजनीतिक दल हैं, कोई समाज सुधारक नहीं. हो सकता है उन्होंने दूसरा शब्द भी बोला हो और ऐसे शब्द का इस्तेमाल भी किया हो.  उन्होंने कहा कि यदि कोई वर्ग गड्ढे में पड़ा रहना चाहता है तो रहने दो.

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इसके बाद आरिफ मोहम्मद खान बताते हैं कि-  मैं एक घंटे सुप्रीम कोर्ट के फैसले को डिफेंड करने के लिए संसद में भाषण दे चुका था. जब ये उस पर बिल लेकर आए तो मैंने इस्तीफा दे दिया.

वो बताते हैं कि उन पर अपने स्टैंड को ना बदलने की वजह से कई बार हमले हुए. कई बार तो हमलावरों को पकड़कर पुलिस को सौंपा तक गया. 1986 से अब तक उनकी लड़ाई जारी है. खान मानते हैं कि ये मुद्दा महिलाओं से संबंधित ही नहीं है, बल्कि पुरुषों पर भी इसका असर पड़ता है.

आरिफ मोहम्मद खान का मानना है कि किसी भी समुदाय की संस्कृति का अंदाज़ा इस बात से लगाया जाता है कि वह समुदाय अपनी महिलाओं के साथ किस तरह पेश आता है.

मुस्लिम नेता की बात पर खान ने कहा कि देश से सेपरेट इलेक्टोरल को खत्म किया गया है ताकि कोई समुदाय अपना नेता नहीं चुनेगा बल्कि क्षेत्र अपना नेता चुनेगा. अगर उसके बाद भी कोई नेता कहता है कि मैं फलां समुदाय का नेता हूँ तो यह संविधान की आत्मा का उल्लंघन है. मुझे उनके साथ हमदर्दी है क्योंकि उन्होंने संविधान को पढ़ा ही नहीं है, तो यह समझ लीजिए कि यह एक राजनीतिक महत्वकांक्षा है.

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